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ऐसा सरकारी स्कूल जहां तीन कक्षाओं में सिर्फ एक-एक विद्यार्थी, पढ़ाने के लिए एक ही टीचर

Chhattisgarh govt school: शिक्षकों (Teacher) की कमी के कारण लोग यहां अपने बच्चों को नहीं पढ़ाना चाह रहे हैं।

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Chhattisgarh govt school

ऐसा सरकारी स्कूल जहां तीन कक्षाओं में सिर्फ एक-एक विद्यार्थी, पढ़ाने के लिए एक ही टीचर

चूड़ामणि साहू@रायगढ़. छत्तीसगढ़ के सरकारी (Chhattisgarh govt school) स्कूलों में शिक्षा की स्थिति का अंदाजा रायगढ़ जिले (Raigarh district) के खम्हारपाली मिडिल स्कूल (School) को देखकर लगा सकते हैं। यहां कुल तीन विद्यार्थी हैं और एक शिक्षका। सारंगढ़ विकासखंड के इस स्कूल में कक्षा छठी से आठवीं तक की पढ़ाई (Education) होती है। गोमर्डा अभयारण्य के पास आदिवासी बहुल खम्हारपाली गांव है। यहां के मिडिल स्कूल में लंबे समय से शिक्षकों की कमी है। यहां छठवीं में चंदा सिदार, सातवीं में राजेंद्र बरिहर और आठवीं में बसंती सिदार पढ़ती हैं। यहां पदस्थ शिक्षिका स्वर्णलता मिंज का कहना है कि शिक्षकों की कमी के कारण लोग यहां अपने बच्चों को नहीं पढ़ाना चाह रहे हैं। बीईओ कह रहे हैं कि विभाग से शिक्षकों की पूर्ति की स्वीकृति नहीं मिल रही है।

गांव के लोगों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर स्कूल में शिक्षकों की व्यवस्था की कई बार मांग की, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला।

पांचवीं कक्षा के बाद बच्चे पास के गांव कपरतुंगा व परसकोल जाते हैं। दोनों गांवों की दूरी करीब चार किलोमीटर है। वहां एक घाटी पार कर जाना पड़ता है। खम्हारपाली से करीब 20 बच्चे कपरतुंगा और 15 बच्चे परसकोल जाते हैं।

ग्रामीण बेहतर शिक्षा के लिए बच्चों को पहले खम्हारपाली मिडल स्कूल ही भेजते थे। जब उन्हें पता चला कि शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई नहीं हो रही है तो अभिभावकों ने बच्चों को यहां से निकालकर दूसरे गांव के स्कूल में भर्ती करवा दिया।

गणेशराम पटेल, सरपंच, खम्हारपाली

स्वर्णलता मिंज, शक्षिका, मिडिल स्कूल, खम्हारपाली

- एस.एन. भगत, बीईओ, सारंगढ़ (रायगढ़)

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