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भारतीय विरासत को बचाने के लिए बच्चे उतरे क्रीआर हेरिटेज शो के मंच पर

लगभग दो सौ से अधिक बच्चे उतरे क्रीआर हेरिटेज शो के मंच पर। नन्हे बच्चों ने कहा कि जब हम विदेश जाएंगे तो कोई हमसे हमारा नाम नहीं पूछेगा। हमसे हमारे देश का नाम पूछा जाएगा, हमारी विरासत के बारे में पूछा जाएगा तो बस हम आ गए क्रीआर हेरिटेज शो के ज़रिए अपनी विरासत बचाने।” क्रीआर हेरिटेज शो की थीम रही हेरिटेज अर्थात् विरासत। शो के मंच पर धनी व निर्धन का भेदभाव समाप्त हुआ।

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क्रीआर फाउंडेशन

क्रीआर हेरिटेज शो की थीम रही हेरिटेज अर्थात् विरासत। शो के मंच पर धनी व निर्धन का भेदभाव समाप्त हुआ। कुछ बच्चों ने प्रांतीय भाषा को बचाने के लिए विभिन्न भाषाओं को अपना परिधान बनाया। कुछ बच्चों ने हेरिटेज थीम से मंच की शोभा बढ़ाई। क्रीआर हेरिटेज शो एक ऐसा शो जो सिर्फ़ परिधानों तक सीमित नहीं था। इसमें क़िस्से भी थे और कहानियां भी थीं। कहानियों की किताबों का विमोचन भी हुआ।

क्रीआर फाउंडेशन

चाइल्ड ऑथर की पुस्तक का हुआ आवरण शो में चाइल्ड ऑथर अनय की अगली पुस्तक व्हाट इस इन माय ड्रीम और व्हाट इस नॉट” के पुस्तक आवरण का विमोचन लेखिका अंशु हर्ष व इलस्ट्रेटर कुलदीप धाब ने किया। साथ ही साथ एक अन्य सच्ची कहानी “यात्रा “ का भी विमोचन क्रीआर हेरिटेज शो का हिस्सा बना। मंच पर पैनल चर्चा भी रही, जिसका विषय था “ स्लम शिक्षा, कितनी शिक्षा व कितने वायदे ।”

क्रीआर फाउंडेशन

सामाजिक मुद्दों पर चर्चा का मंच क्रीआर फाउंडेशन के संस्थापक कुलदीप ने बताया कि ये सिर्फ़ शो नहीं, अपितु सामाजिक मुद्दों पर चर्चा का एक मंच भी रहा, जिसमें संपूर्ण भारत से लोग आए। साथ ही विलुप्त होती विरासत को बचाने के लिए फ़ैशन को माध्यम बनाया गया।

क्रीआर फाउंडेशन

बच्चों ने दी नाटकों की प्रस्तुति शो में बच्चों की ओर से नाटक की प्रस्तुति भी रही। एक नाटक था “सोच” जिसमें बच्चों ने बड़ों को ये सोचने पर मजबूर कर दिया कि प्रतिस्पर्धा के उस दौर में कहीं ना कहीं अवांछित दवाब बच्चों पर बढ़ रहा है, जिसके कारण आत्महत्या के आंकड़े बढ़ते जा रहे हैं। शो में अपील की गई कि अभिभावक बच्चों के सपनों को महत्व दें उन्हें अपनी इच्छा का करने दें। दूसरा नाटक था “ क्या हम बदलेंगे “ जिसकी प्रस्तुति ये कह गई हमारी प्रगति हो रही परंतु हमारी सोच वहीं रुकी हुई है।

क्रीआर फाउंडेशन

कार्यक्रम में दिए अवार्ड शो के बीच आर्ट अवार्ड भी दिये गए व प्रतिस्पर्धा को समाप्त करते हुए सभी प्रतिभागियों को समान रूप से आर्ट अवार्ड दिये गए।

क्रीआर फाउंडेशन

उल्लेखनीय है कि चैरिटी के लिए किया गया ये शो बिना किसी मदद व बिना स्पॉन्सर्स के हुआ। क्रीआर फाउंडेशन के डायरेक्टर्स व मेम्बर्स अपनी आय का 90 प्रतिशत चैरिटी करते हैं, बच्चों के लिए तब जाकर ये फाउंडेशन काम कर पा रहा है।