
जापान को पीछे छोड़ ड्रैगन बना दुनिया का सबसे बड़ा कार निर्यातक
नई दिल्ली। जापान को पीछे छोड़ते हुए चीन दुनिया का सबसे बड़ा कार निर्यातक देश बन गया है। चीन का कहना है कि इस साल के शुरुआती तीन महीनों में ही वह, दुनिया के कार निर्यातक देशों में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया। पिछले सप्ताह जारी आंकड़ों के अनुसार ड्रैगन ने इस अवधि में 10.07 लाख वाहनों का निर्यात किया, जो 2022 की पहली तिमाही की तुलना में 58 प्रतिशत अधिक है। जबकि इसी दौरान जापान का निर्यात एक साल पहले की तुलना में छह फीसदी की बढ़त के साथ 9.5 लाख से अधिक रहा। इलेक्ट्रिक कारों की बढ़ती मांग और रूस में बिक्री की वजह से चीन का निर्यात बढ़ा है। दरअसल, यूक्रेन युद्ध की शुरुआत के बाद जब जापान और जर्मनी की बड़ी कार कंपनियों ने अपने रूसी कारखानों को बंद कर दिया और मार्केट से बाहर हो गईं तो चीनी कार निर्माताओं ने यहां अपनी पैठ बनानी शुरू कर दी।
एनइवी के निर्यात में 90% से भी अधिक की वृद्धि:
पिछले साल चीन, जर्मनी को पछाड़ विश्व का दूसरा सबसे बड़ा कार निर्यातक बना था। उस दौरान जर्मनी के 26 लाख वाहनों की तुलना में चीन ने 32 लाख कारों का निर्यात किया था। जीवाश्म ईंधन से दूरी बनाने की वजह से चीन में मोटर उद्योग के विकास को बढ़ावा मिला है। कार निर्यात, अब ड्रैगन की विदेश व्यापार संरचना में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। नए ऊर्जा वाहनों (एनइवी, इलेक्ट्रिक कारों सहित) का पहली तिमाही का निर्यात एक साल पहले की तुलना में 90 फीसदी से अधिक बढ़ गया।
अप्रेल में ही विदेशों में बेच दी लाखों कारें:
2023 की पहली तिमाही में शंघाई के वाइगाओकियाओ पोर्ट से यूरोप, दक्षिण पूर्व एशिया, दक्षिण अमरीका और अफ्रीका में कुल 2,31,000 वाहनों का निर्यात किया। सिर्फ अप्रेल में ही चीन ने 3,76,000 वाहनों का निर्यात किया, जो पिछले साल इसी अवधि की तुलना में 2.7 गुना अधिक है। चाइना एसोसिएशन ऑफ ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स के अनुसार चीन में बनने वाले वाहन कड़े क्वालिटी कंट्रोल और एडवांस्ड मैनटिनेंस सर्विसेज की वजह से वैश्विक बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बन गए हैं। जनवरी में चीनी उद्योग विश्लेषकों ने यह उम्मीद जताई थी कि देश 2030 तक विदेशी बाजारों में 55 लाख कारों का निर्यात करेगा और इनमें से आधे इलेक्ट्रिक वाहन होंगे।
भारत में निर्यात बढ़ाने के लिए हो रहे उपाय :
दुनिया के प्रमुख कार निर्यातकों में चीन, जापान, जर्मनी, दक्षिण कोरिया, अमरीका और मैक्सिको आदि शामिल हैं। भारत में भी निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कई उपाय किए गए हैं। सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्यूफैक्चरर्स के आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान 6.6 लाख पैसेंजर व्हीकल (कार, यूटिलिटी व्हीकल और वैन) का निर्यात किया गया जबकि इससे पिछले साल यह आंकड़ा 5.7 लाख था। 2020 के दौरान दुनिया की 70 प्रतिशत पैसेंजर कार मार्केट सात देशों में केंद्रित था, जिसमें भारत का स्थान पांचवा था।
चीनी वाहनों के प्रमुख आयातक: रूस, अमरीका, मैक्सिको, ब्रिटेन, बेल्जियम, जापान, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, संयुक्त अरब अमीरात और दक्षिण कोरिया।
Published on:
20 May 2023 11:30 am
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