जिले के तीर्थ नगर ओंकारेश्वर, इंदौर-खंडवा हाइवे और बायपास के साथ ही 60-70 लोकेशन पर 50-75 % तक बढेगी। उप मूल्यांकन समितियों ने जिला स्तर पर औसत 25 से 30 % कलेक्टर गाइड लाइन बढ़ाने की तैयारी है। इसमें पिछले साल जिला स्तर पर 3 से 5 % गाइड लाइन बढ़ी थी। इस बाद पांच गुना से अधिक गाइड लाइन बढ़ाने की तैयारी है। इस पर एआई की जगह उप पंजीयन में वास्तविक डाटा को आधार मानकर गाइड लाइन निर्धारित करने की कार्य योजना तैयार की गई है।
नए वित्तीय वर्ष 2025-26 में नई कलेक्टर गाइड लाइन एक अप्रेल से लागू होगी। जिला पंजीयक कार्यालय में नई गाइड लाइन का ब्लू प्रिंट तैयार किया जा रहा है। उप पंजीयकों की ओर से भेजे गए प्रस्ताव के अनुरूप वित्तीय वर्ष-2024-25 में ओंकारेश्वर, इंदौर-खंडवा हाइवे के आस-पास गाइड लाइन से 70 से 80 % बढ़े दाम पर जमीनें बिक रहीं है। पंजीयक विभाग ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस ( एआई ) की बजाए वास्तविक डाटा के आधार पर जिला स्तर पर 25 से 30 प्रतिशत जमीनें महंगी हो जाएंगी।
तीर्थ नगरी में गाइड लाइन से 5 से 10 गुना बिक रही जमीनें
जिले के तीर्थ नगर ओंकारेश्वर, इंदौर-खंडवा हाइवे और बायपास के साथ ही 60-70 लोकेशन पर 50-75 % तक बढेगी। उप मूल्यांकन समितियों ने जिला स्तर पर औसत 25 से 30 % कलेक्टर गाइड लाइन बढ़ाने की तैयारी है। इसमें पिछले साल जिला स्तर पर 3 से 5 % गाइड लाइन बढ़ी थी। इस बाद पांच गुना से अधिक गाइड लाइन बढ़ाने की तैयारी है। इस पर एआई की जगह उप पंजीयन में वास्तविक डाटा को आधार मानकर गाइड लाइन निर्धारित करने की कार्य योजना तैयार की गई है।
खंडवा व ओंकारेश्वर क्षेत्र में 70-80 लोकेशन चिह्नित
नए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ओंकारेश्वर क्षेत्र में मोरगढ़ी एरिया के साथ ही इंदौर-खंडवा फोरलेन के आस-पास और बायपास एरिया में कलेक्टर गाइड लाइन से 70 से 80 % से अधिक कीमत पर जमीनें बिक रहीं हैं। इन क्षेत्र में गाइड लाइन से 5 से 10 गुना अधिक कीमत बिक रही है। शहर से लेकर ओंकारेश्वर क्षेत्र में 70-80 लोकेशन ऐसे चिह्नित किए गए हैं जहां पर 50 से 70 प्रतिशत तक गाइड लाइन बढ़ाने की तैयारी है। इसमें कुछ लोकेशन पर 75-80 प्रतिशत भी गाइड लाइन प्रस्तावित है।
उप पंजीयक की रिपोर्ट पर तैयार रही गाइड लाइन
उप पंजीयकों ने ओंकारेश्वर, बायपास, फोरलेन के साथ ही इ-संपदा के आधार पर ऐसे लोकेशन ट्रेस किया है जहां पर रजिस्ट्रियां अधिक हो रही हैं और गाइड लाइन से अधिक कीमत पर भूमि बिक रहीं। उप मूल्यांकन समितियों ने लोकेशन के साथ ही प्रस्तावित गाइड लाइन का प्रस्ताव मुख्यालय पर भेजा है। जिला मूल्यांकन समिति उप मूल्यांकन समितियों की प्रस्तावित रिपोर्ट के आधार पर नई गाइड लाइन का ब्लू प्रिंट तैयार कर रही है। कलेक्टर से अनुमति मिलते ही जल्द जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में नई गाइड लाइन प्रस्ताव तैयार कर केंद्रीय मूल्यांकन समिति को भेजा जाएगा।
एआई ने दिया धोखा, इ-संपदा से तैयार किया लोकेशन
एआई का उपयोग तो वैसे हर क्षेत्र में बढ़ रहा है। लेकिन इस बार नई कलेक्टर गाइड लाइन वृद्धि में इस बार एआई का उपयोग नहीं होगा। दरअसल, पिछले साल एआई की मदद से लोकेशन ट्रेस किया लेकिन कई लोकेशन छूट गए थे। इस लिए इस पर एआई की जगह इ-संपदा के साथ ही उप पंजीयकों ने स्वयं फील्ड स्तर पर नए लोकेशन ट्रेस किए हैं। उप पंजीयकों ने इ-संपदा में ऐसे जगहों को चिन्हित किया है जहां पर अधिक रजिस्ट्री हो रही है और गाइड लाइन से अधिक कीमत पर जमीनें बिक रहीं हैं।
फैक्ट फाइल : प्रस्तावित कलेक्टर गाइड लाइन के लोकेशन
तहसील कुल इ-संपदा उप-पंजीयक प्रस्तावित वृद्धि
खंडवा 972 589 609 30 %
हरसूद 381 225 194 12 %
पुनासा 327 173 231 30 %
पंधाना 121 110 84 29 %
कुल लोकेशन 1801 1097 1118 25 %
नोट : उप मूल्यांकन समिति की ओर से प्रस्तावित लोकेशन संख्या। इसमें इ-संपदा और उप पंजीयन की ओर से लोकेशन ट्रेस किया या हैत्। इसमें शहरी और ग्रामीण की लोकेशन शामिल है।
जिला पंजीयक प्रभात बाजपेयी का कहना है कि... नई कलेक्टर गाइड लाइन वृद्धि की कागजी प्रक्रिया चल रही। संभावना है कि जल्द ही जिला मूल्यांकन समिति की बैठक होगी। उप मूल्यांकन समितियों के प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं। केंद्रीय मूल्यांकन समिति को प्रस्ताव भेजा जाएगा। शासन से अनुमोदन के बाद एक अप्रैल से नई गाइड लाइन लागू की जाएगी।