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पुण्यतिथि- वंचित सुमदायों को राजनीतिक हिस्सेदारी देने वाले पीएम वीपी सिंह

वीपी सिंह न सिर्फ बेहद ईमानदार थे बल्कि दलितों पिछड़ो और वंचित समुदायों के प्रति उनके दिल में बेहद करुणा थी।

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Vikas Gupta

Nov 26, 2015

Death anniversary Vishwanath Pratap Singh

Death anniversary Vishwanath Pratap Singh

जयपुर। विश्वनाथ प्रताप सिंह का निधन आज ही दिन 27 नवम्बर 2008 को दिल्ली में हुआ था। विश्वनाथ प्रताप सिंह भारत के आठवें प्रधानमंत्री थे। राजीव गांधी सरकार के पतन के कारण प्रधानमंत्री बने विश्वनाथ प्रताप सिंह ने आम चुनाव के माध्यम से 2 दिसम्बर 1989 को पीएम बने थे। वीपी सिंह न सिर्फ बेहद ईमानदार थे बल्कि दलितों पिछड़ो और वंचित समुदायों के प्रति उनके दिल में बेहद करुणा थी। विश्वनाथ प्रताप सिंह भारत आठवें प्रधानमंत्री थे और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। उनका शासन एक साल से कम 2 दिसम्बर 1989 से 10 नवम्बर 1990 तक चला।

जन्म एवं परिवार
विश्वनाथ प्रताप सिंह का जन्म 25 जून 1931 उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद जिले में हुआ था। वह राजा बहादुर राय गोपाल सिंह के पुत्र थे। उनका विवाह 25 जून 1955 को सीता कुमारी के साथ सम्पन्न हुआ था। इन्हें दो पुत्र रत्नों की प्राप्ति हुई। उन्होंने इलाहाबाद में गोपाल इंटरमीडिएट कॉलेज की स्थापना की थी।

शिक्षा-
विश्वनाथ प्रताप सिंह ने इलाहाबाद और पूना विश्वविद्यालय में अध्ययन किया था। वह 1947-1948 में उदय प्रताप कॉलेज, वाराणसी की विद्यार्थी यूनियन के अध्यक्ष रहे। विश्वनाथ प्रताप सिंह इलाहाबाद विश्वविद्यालय की स्टूडेंट यूनियन में उपाध्यक्ष भी थे। 1957 में उन्होंने भूदान आन्दोलन में सक्रिय भूमिका निभाई थी। सिंह ने अपनी जमीनें दान में दे दीं। इसके लिए पारिवारिक विवाद हुआ, जो कि न्यायालय भी जा पहुंचा था। वह इलाहाबाद की अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के अधिशासी प्रकोष्ठ के सदस्य भी रहे। व्यक्तिगत तौर पर विश्वनाथ प्रताप सिंह बेहद निर्मल स्वभाव के थे और प्रधानमंत्री के रूप में उनकी छवि एक मजबूत और सामाजिक राजनैतिक दूरदर्शी व्यक्ति की थी। उन्होंने मंडल कमीशन की सिफारिशों को मानकर देश में वंचित समुदायों की सत्ता में हिस्सेदारी पर मोहर लगा दी।

27 नवम्बर 2008 को 77 वर्ष की अवस्था में वी. पी. सिंह का निधन दिल्ली के अपोलो हॉस्पीटल में हो गया।

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