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उपभोक्ताओं में डिस्कॉम के 46.39 अरब रुपए बकाया

- साल दर साल बढ़ रही है बिजली बिलों के उधारी की राशि- अकेले नागौर जिले में डिस्कॉम के सवा दो अरब से ज्यादा के बिल बाकी- पहले विधानसभा और अब लोकसभा चुनाव के चलते अटकी वसूली

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Discom: Notice of outstanding balance sent

Discom: Notice of outstanding balance sent

नागौर. प्रदेश के तीनों डिस्कॉम की उधारी का ग्राफी वर्ष दर वर्ष ऊपर चढ़ता जा रहा है। अजमेर, जोधपुर व जयपुर डिस्कॉम की इस वर्ष फरवरी तक बिजली बिलों की कुल बकाया राशि 46 अरब 39 करोड़ रुपए पार कर चुकी है। अकेले नागौर जिले में बकाया राशि का आंकड़ा 229 करोड़ से ज्यादा है। ऐसे में यह सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रदेश में बिजली आपूर्ति में सुधार करना सरकार के लिए कितना मुश्किल साबित होगा।
निगम अधिकारियों का कहना है कि हर वर्ष फरवरी व मार्च में वसूली लगभग शत-प्रतिशत कर ली जाती है, लेकिन इस बार वर्ष 2018 के नवम्बर-दिसम्बर विधानसभा चुनाव एवं अब आगे लोकसभा चुनाव होने के चलते राजनीतिक दबाव के कारण उपभोक्ताओं के साथ सख्ती नहीं बरत सकते, ऐसे में इस बार वसूली का प्रतिशत गड़बड़ाने की आशंका है।
ये है प्रदेश की स्थिति
प्रदेश में कुल बकायादार उपभोक्ता - 16 लाख 76 हजार (लगभग)
कुल बकाया राशि - 46 अरब, 39 करोड़, 33 लाख, 55 हजार रुपए (लगभग)
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अजमेर डिस्कॉम :
बकाया - 8 अरब, 47 करोड़, 30 लाख 16 हजार 884.53 रुपए
बकायादार उपभोक्ता - उपभोक्ता - 3 लाख 35 हजार 328
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जयपुर डिस्कॉम :
बकाया - 25 अरब, 84 करोड़ रुपए
बकायादार उपभोक्ता - 9 लाख 66 हजार (लगभग)
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जोधपुर डिस्कॉम :
बकाया - 12 अरब, 8 करोड़, 3 लाख 38 हजार 209.02 रुपए
बकायादार उपभोक्ता - 3 लाख 74 हजार 635

ऐसे में कैसे होगा प्रदेश की बिजली व्यवस्था में सुधार
प्रदेशभर के उपभोक्ताओं में तीनों डिस्कॉम की बकाया राशि की वसूली नहीं होने से उन उपभोक्ताओं को भार सहन करना पड़ता है, जो नियमित रूप से अपना बिल जमा करवाते हैं। यह सर्व विदित है कि प्रदेश के तीनों डिस्कॉम की स्थिति काफी पतली है, जिसके चलते न तो उपभोक्ताओं को पूरी बिजली मिल पाती है और न ही किसानों को। आजादी के 70 साल बाद भी प्रदेश में गर्मियों के दिनों में घंटों बिजली कटौती करनी पड़ती है।
जयपुर डिस्कॉम में सबसे ज्यादा बकाया
प्रदेश के तीनों डिस्कॉम्स में सबसे ज्यादा उधारी जयपुर डिस्कॉम की 2584 करोड़ रुपए है। इस डिस्कॉम में राजधानी होने के कारण सरकारी कार्यालयों की बकाया राशि 453 करोड़ से अधिक है। हालांकि जयपुर डिस्कॉम में उपभोक्ताों की संख्या भी जोधपुर व अजमेर दोनों की मिलाने के बाद भी दोनों से ज्यादा है। प्रदेश में जोधपुर जिला, झालावाड़, बीकानेर जिला व नागौर सहित एक आधा दर्जन ऐसे डिस्कॉम वृत्त हैं, जहां की बकाया राशि दो से तीन अरब तक है।
अंतिम महीने में होती है वसूली
डिस्कॉम की वसूली सामान्यतया वित्तीय वर्ष के अंतिम महीनों में ही होती है। हमारा प्रयास है कि मार्च के अंत तक शत-प्रतिशत वसूली कर देंगे।
एसएन शर्मा, अधीक्षण अभियंता, नागौर