आपने कभी सोचा कि कोई इंसान जब अपने आखिरी क्षणों में होता है, तो वह क्या सोच रहा होता है। उसके दिमाग में क्या चल रहा होता है। हालांकि इस बारे में कोई शत-प्रतिशत तो नहीं बता सकता लेकिन कुछ वैज्ञानिकों ने इसपर कई शोध किए हैं। जिसमें बर्लिन की चेरिट यूनिवर्सिटी और ओहायो की सिनसिनाटी यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक शामिल हैं। इन वैज्ञानिकों ने रिसर्च में ये पाया कि जिन लोगों के साथ सड़क हादसा हुआ या फिर उन्हें कोई स्ट्रोक पड़ा वह सिर्फ यह सोच रहे थे कि वो किसी तरह बच जाएं। उनका दिमाग सिर्फ यही सोच रहा था कि उन्हें कैसे भी करके बचना है। वैज्ञानिकों ने अपने रिसर्च में ये पाया कि जो दिमाग की कोशिकाएं होती हैं, वो यही सोच रही होती हैं कि उन्हें और जीना हैं। वैज्ञानिकों ने अपनी रिसर्च में ये भी पाया कि दिल की धड़कन रुकने के बाद भी दिमाग की कोशिकाएं और न्यूरॉन काम करती हैं। लेकिन दिमाग में खून का प्रवाह बंद हो जाता है। जिस वजह से ऑक्सीजन न हो पाने के कारण न्यूरॉन अपने लिए संसाधन इकट्ठा करने की कोशिश करते रहते हैं।