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जयपुर. शहर में 27 अप्रेल से जयरंगम सीजन्स के तहत दो दिवसीय थिएटर फेस्टिवल आयोजित होगा। थ्रीएम डॉट बैंड और फैसेलिटी थिएटर की ओर से बिड़ला ऑडिटोरियम में आयोजित होने वाले इस फेस्टवल में पहले दिन पुनीत इस्सर निर्देशित नाटक 'महाभारत' की प्रस्तुति होगी, वहीं 28 अप्रेल को राकेश बेदी निर्देशित और अभिनित नाटक 'जब वी सेपरेटेड' का मंचन होगा। मंगलवार को मालवीय नगर स्थित एक रेस्त्रां में दोनों नाटकों के टीजर लॉन्च किए गए। इस मौके पर एक्टर पुनीत इस्सर, राकेश बेदी, मेघना मलिक, राहुल भुचर, राजीव अरोड़ा, ऋषि मिग्लानी, रूचि भार्गव, दीपक गेरा सहित कई नामचीन लोग मौजूद थे।
पुनीत ने कहा कि '३० साल पहले दुर्योधन का पात्र करने को मिला था और उसके बाद ही फिल्म, टीवी, डायरेक्शन में नाम कमाने का मौका मिला। यह नाटक मैंने दुर्योधन और कर्ण के पॉइंट ऑफ व्यू से तैयार किया है। इसमें मेरे साथ मेघना, उर्वशी ढोलकिया, गूफी पेंटल, सुरेन्द्र पाल, आरती नागपाल, सिद्धांत इस्सर जैसे कलाकार अभिनय करते नजर आएंगे। इसे काव्या स्टाइल में तैयार किया जाएगा, हम जयपुर में पहले भी एक नाटक को लेकर आए थे और दो शो में से एक को रद्द करना पड़ा था। कमर्शियल थिएटर के लिए आज का दौर काफी चुनौतीपूर्ण है, कुछ कमियां हमारे में थी, जिसे दूर करने का प्रयास हमने किया है।
आज परिवार में बुर्जुर्गों की जरूरत
राकेश बेदी ने कहा कि आज तलाक के मामले बहुत बढ़ रहे हैं। यहां तक की लोगों का छह साल अफेयर चलता है, लेकिन शादी एक साल तक नहीं चल पाती। इसी विषय को ध्यान में रखते हुए मैंने 'जब वी सेपरेटेड' नाटक लिखा। यह सीरियस विषय है, जिसे मैंने ह्यूमर के साथ लिखा है। आज हमारे घर में बुर्जुर्ग की सख्त जरूरत है, वहीं नई पीढ़ी को सही दिशा दे सकते हैं, जबकि बुर्जुर्ग का काम कोर्ट कर रहा है, जो तलाक लेने वाले लोगों का छह महीने तक फिर से समय देता है। ताकि वे वापिस इस रिश्ते पर ध्यान दे सकें। मैं पत्नी को रोज लड़ाई के लिए कहता हूं और हमेशा नई बात पर लडऩे की सलाह देता हूं। पुरानी बात पर झगड़ा होगा, तो बात आगे तक बढ़ेगी। इस नाटक में समस्या के साथ हैल्दी हल भी लोगों को मिलेगा।
बिना रिजर्वेशन मुम्बई के लिए ट्रेन में निकली थी
मेघना मलिक ने कहा कि जब मुम्बई के लिए निकली थी, तो बिना रिजर्वेशन ट्रेन में निकली थी। हालांकि मैंने थिएटर से पैसे बचाए थे और फ्लाइट से भी जा सकती थी, लेकिन मुम्बई शहर के लिए पैसे बचाकर रखने की प्लानिंग की थी। यह पूरा सफर ट्रेन में टॉयलेट के पास मेरे सूटकेश पर ही कंपलीट हुआ था। एनएसडी से पढ़ाई के बाद थिएटर का साथ रहा है, साल में एक प्ले में जरूर काम करती हूं। 'अम्माजी' का किरदार राइटर ने गढ़ा था, लेकिन हाव-भाव से लेकर बोलना-चलना और एटीट्यूट को मैंने ही डवलप किया था। एक एक्सपेरिमेंट था, जो काफी सफल रहा। अभी सनी देओल के साथ 'पल पल दिल के पास' और 'सहर' मूवी कर रही हूं। वहीं एक वेब सीरीज 'बंदिश बैंडेट' भी कर रही हूं।
Published on:
02 Apr 2019 10:33 pm
