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खेती-किसानी : खाद बीज के साथ खेतों को बोनी के लिए तैयार करने में जुटे किसान

इस बार धान की जगह कोदो कुटकी व मक्के की खेती का बढ़ा जिले में रकवा

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शहडोल. किसानों ने खरीफ बोनी को लेकर तैयारी शुरु कर दी है। खेतों को तैयार करने के साथ ही खाद की बीज की व्यवस्था कर ली है। आसमान से बारिश की बूंदें गिरने के साथ ही वह खेतों की ओर रुख करना शुरु कर दिए हैं। खरीफ बोनी को लेकर कृषि विभाग भी अपने स्तर पर व्यवस्था बनाने में जुट गया है। कृषि विभाग ने इस वर्ष 206 में हेक्टेयर अनाज के साथ दहलन व तिलहन फसलों की बोनी का लक्ष्य रखा है। बोनी के समय खाद बीज की उपलब्धता बनी रहे इसके लिए कृषि विभाग ने पहले से ही व्यवस्था कर रखी हंै। कृषि विभाग के पास लगभग 8 लाख मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है। इसके अलावा आवश्यकता पडऩे पर उपलब्धता बनाई जाएगी। खाद का वितरण किया जा रहा है।

नर्सरी के साथ खेतों को कर रहे तैयार
किसान बारिश के पहले खेतों को बोनी के लिए पूरी तरह से तैयार कर रहे हैं। रोपे के लिए नर्सरी को तैयार किया जा रहा है। खरपतवार व अन्य कचरे को नष्ट करने के साथ ही अच्छी उपज के लिए खेतों की जुताई कर उन्हेंं तैयार किया जा रहा है। बारिश होने के बाद किसानों को समय नहीं मिलेगा। मानसून की पहली बारिश के साथ बोनी का दौर शुरु हो जाएगा।

कम हुआ धान का रकवा, मक्के में बढ़ोत्तरी
जिले में वर्ष 2023-24 में 203 हेक्टेयर में खरीफ की बोनी हुई थी। इस वर्ष कृषि विभाग ने यह रकवा बढ़ाकर 206 हेक्टेयर कर दिया है। हालांकि इसमें इस वर्ष धान का क्षेत्रफल कम कर कोदो कुटकी, मक्का के साथ सोयाबीन के क्षेत्रफल में बढ़ोत्तरी की गई है। इसके अलावा किसान अपने स्तर पर भी बोनी करने की तैयारी कर रहे हैं। अच्छी बारिश हुई तो जिले में बोनी का रकवा और बढऩे की संभावना है।