
भविष्य का हवाई सफर बदलकर रख देंगी 'इलेक्ट्रिक फ्लाइंग टैक्सियां'
नई दिल्ली। दुनियाभर में वाहनों की बढ़ती तादाद ने सड़कों को संकरा बना दिया है। वाहनों की भीड़ के बिना बड़े शहरों की कल्पना करना मुश्किल हो चला है। लेकिन भविष्य के शहरी परिवहन की एक झलक, ट्रैफिक जाम और प्रदूषण की समस्या को अतीत की बात बनाने का दावा करती है। वह दिन दूर नहीं जब इलेक्ट्रिक फ्लाइंग टैक्सियों के आने से ट्रैवल जगत बदल जाएगा। विश्व में कई कंपनियां इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ एंड लैंडिंग (ईवीटीओएल) विमान विकसित कर रही हैं। ईवीटीओएल को इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी के रूप में भी जाना जाता है। फ्रांस, जर्मनी, चीन, अमरीका जैसे कई देशों ने आने वाले वर्षों में हवाई टैक्सी लॉन्च करने की योजना बनाई है।
वोलोसिटी से इतिहास बनाने की तैयारियों में फ्रांस:
फ्रांस में सब कुछ योजना अनुसार हुआ तो इसका दो सीटों वाला इलेक्ट्रिक विमान वोलोसिटी आने वाले समय में यात्रियों को पेरिस की सैर कराएगा। इस तरह वोलोसिटी यूरोप में ईवीटीओएल विमान का उपयोग करने वाली पहली सेवा बन जाएगी। निर्माता कंपनी वोलोकॉप्टर को उम्मीद है कि कुछ महीनों में यूरोपीय एयरोस्पेस नियामक, इएएसए वोलोसिटी को यात्रियों को ले जाने के लिए मंजूरी दे देगा जिससे वे अगले साल ओलम्पिक खेलों के दौरान हवाई-टैक्सी सेवा शुरू कर देगी। इएएसए ने हाल ही ईवीटीओएल के नियम प्रस्तावित किए हैं।
ब्राजील को भी बड़ी-बड़ी उम्मीदें:
ब्राजील की कंपनी एम्ब्रेयर इलेक्ट्रिक फ्लाइंग टैक्सियों के निर्माण के लिए साओ पाउलो के पास नई फैक्ट्री लगाएगी। संभावना है कि 2026 से यहां फ्लाइंग टैक्सियां उड़ान भरने लगेंगी। सहायक कंपनी ईव की ओर से बनाया जाने वाला यह विमान छोटे हेलीकॉप्टर जैसा होगा। ईव का कहना है कि उसके पास पहले से ही 3,000 फ्लाइंग टैक्सियों के ऑर्डर हैं। कंपनी इसी साल प्रोटोटाइप लॉन्च कर सकती है। हेलीकॉप्टर की तुलना में बेहद शांत ईवीटीओएल के शून्य उत्सर्जन के साथ-साथ सस्ते होने का भी अनुमान है। अमरीका और चीन की 2025 तक कमर्शियल फ्लाइंग टैक्सी शुरू करने की योजना है। सुपर साइज्ड ड्रोन जैसे दिखने वाले इन विमानों की दौड़ में हाल में इजराइल भी शामिल हो गया है। इजराइल ने ऑटोनोम्स ड्रोन का परीक्षण शुरू कर दिया है, जो यात्रियों और माल दोनों को ले जाने में सक्षम है।
विमान निर्माताओं के लिए संभावना तलाश रहा भारत:
देश में अर्बन एयर मोबिलिटी (यूएएम) की मांग शहरी भीड़भाड़, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी की कमी और ई-कॉमर्स को अपनाने से जुड़ी है। ट्रैफिक से भारतीय अर्थव्यवस्था को मुंबई, बेंगलूरु, कोलकाता और दिल्ली में लगभग 1.44 ट्रिलियन रुपए का नुकसान होता है। यह स्थिति देश में यूएएम की अपार संभावनाओं को बढ़ाती है। भारत सरकार देश में आधार स्थापित करने के लिए ईवीटीओएल विमान निर्माताओं को आमंत्रित करने की संभावना तलाश रही है। देश में ईवीटीओएल के लिए 162 संभावित मार्गों की पहचान हुई है। इसी साल की शुरुआत में बेंगलूरु में भारत में बनी इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी का प्रोटोटाइप पेश किया गया था।
एयर टैक्सी के फायदे
क्या हो सकती हैं चुनौतियां?
Published on:
13 Sept 2023 11:41 am
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