शहडोल. करवाचौथ को लेकर महिलाओं में विशेष उत्साह देखने मिला। सुबह से ही स्नान-ध्यान कर पूजा अर्चना कर सुहागिनों ने अपने सुहाग की दीर्घायु के लिए निर्जला व्रत रखा। इस दौरान पूरा दिन वह साज-सज्जा व पूजा की तैयारी में लगी रही। वहीं बाजार में भी अच्छी-खासी चहल-पहल रही। कई महिलाएं मेंहदी लगवाने, सजने सवरने के लिए बाजार पहुंची वहीं कुछ खरीदारी करती नजर आई। सुबह से लेकर शाम तक बाजार में भीड़-भाड़ बनी रही। महिलाओं ने करवा के साथ ही अन्य पूजन की सामग्री की खरीदी की। पूरा दिन निर्जला रहकर शाम होते ही वह साज-सज्जा में लग गइ। हाथों में मेंहदी सजाकर, सोलह श्रृंगार कर हाथ में करवा व पूजा की थाल लेकर घर की छत पर पहुंची। जहां सभी महिलाएं एकत्रित होकर विधि विधान के साथ पूजा अर्चना कर पति की दीर्घायु के लिए प्रार्थना की। चांद का दीदार होने के साथ ही महिलाओं ने अपने-अपने पति के हाथों से जल ग्रहण करने के साथ ही व्रत पूर्ण किया।
करवे व चलनी को किया सुसज्जित
करवाचौथ के दिन करवे व चलनी का विशेष महत्व होता है। सुहागिनो ने सुर्योदय से पहले सरगी ग्रहण किया। इसके बाद दिनभर निर्जला व्रत रखा। इस दौरान करवे को आकर्षक ढ़ंग से सुसज्जित कर उसमें गेहूं, चावल रखा। इसके बाद पूजा की पूरी तैयार कर विधि विधान से भगवान शिव, मां पार्वती व चंद्रदेव की विधि विधान से पूजा अर्चना कर बिंदी, चुनरी, चूड़ी, मेहंदी, महावर, सिंदूर, कंघा सहित अन्य सामग्री अर्पण कर पति की दीर्घायु के लिए प्रार्थना की।