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गृह वाटिका लगा परिवार को दे सकते हैंपौष्टिक व संतुलित आहार

- जूना पतरासर में गृहवाटिका प्रक्षेत्र दिवस का आयोजन

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गृह वाटिका लगा परिवार को दे सकते हैंपौष्टिक व संतुलित आहार

गृह वाटिका लगा परिवार को दे सकते हैंपौष्टिक व संतुलित आहार

बाड़मेर.कृषि विज्ञान केन्द्र श्योर दांत की ओर से नारी परियोजना के अन्तर्गत गांव जूना पतरासर में गृह वाटिका के प्रक्षेत्र दिवस का आयोजन मंगलवार को किया गया।

केन्द्र दांता के प्रभारी डॉ.विनयकुमार सिंह ने कहा कि वर्तमान परिदृश्य में हमारे आहार का एक बड़ा हिस्सा हानिकारक रसायन युक्त सब्जियां है, जिनके चलते पोषक तत्वों की आवश्यकतापूर्ति की बजाय हम जाने अनजाने में ऐसे रसायनों का सेवन कर रहे हैं, जो गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। अत: जरूरी हो जाता है कि बिना रसायनों के उत्पादित सब्जियों का उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि घर के आस-पास खाली जमीन हो तो दैनिक उपयोग के लिए आसानी से वहां गृहवाटिका एवं पोषकीय गृह वाटिका बनाकर परिवार को पौष्टिक एवं संतुलित आहार उपलब्ध कराया जा सकता है,इससे न केवल शुद्ध सब्जी मिलेगी वरन आस-पास का वातावरण भी शुद्ध बना रहेगा। डॉ. कुमार ने बताया कि प्रक्षेत्र दिवस का उद्देश्य बोई गई फसलों, बागवानी एवं अन्य कृषि कार्य के प्रदर्शन उपरान्त समस्त गांव के कृषकों एवं कृषक महिलाओं के साथ चर्चा की जाती है जिससे अन्य किसान जागरूक होकर नवाचार पद्धति अपनाएं।

गृह विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. सोनाली शर्मा ने कहा कि बेहत्तर भोजन, उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु जीवन के लिए गृह वाटिका महत्वपूर्ण है। घर के रिक्त हिस्से या अहाते में उपलब्ध जमीन में भी कम समय व थोड़े परिश्रम करके ताजी, हरी व गुणवतायुक्त सब्जियां उगा सकते हैं। सब्जियां प्रोटीन, खनिज लवण, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन, आवश्यक अमीनों अम्ल, रेषा एवं अन्य पोशक तत्वों से भरपूर होती है। ये कुपोषण दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। घर के रिक्त हिस्से में ताजी व गुणवतायुक्त सब्जियां उगा सकते हैं।

कृषि प्रसार विशेषज्ञ व प्रक्षेत्र दिवस आयोजन प्रभारी हंसराज सैन ने कहा कि प्रक्षेत्र दिवस को एक उत्सव के रूप में मनाना चाहिए व अधिक से अधिक किसान इसमें भागीदार बनें। प्रक्षेत्र दिवस में 25 कृषक महिलाओं ने भाग लिया।