
कैसे भी खाएं बेहतर इम्यूनिटी बूस्टर है आवंला
इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए आप आवंले को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। यह हमारे शरीर के ४६ प्रतिशत विटामिन सी और पोषण तत्वों की आपूर्ति कर सकता है। विटामिन सी की प्रचुर मात्रा के कारण ही इसे इम्यूनिटी बूस्टर माना जाता है। आवंले का प्रयोग हमारे देश में वर्षो से किया जा रहा है। आयुर्वेदिक दवाओं में भी इसका उपयोग बहुत होता है। यह शरीर के पाचन तंत्र को भी सुधारने में मदद करता है।
आवंले के गुणों के कारण ही इसे इंडियन सुपरफूड कहते हैं। इसके साथ ही यह बाल और त्वचा के लिए भी लाभदायक है। आवंले को मुरब्बा, जूस, चटनी, सलाद, हर्बल टी या काढ़े के रूप में खाया जाता है।
आवंले का जूस इम्यूनिटी सिस्टम को स्ट्रांग रखता है। इससे सर्दी, खांसी जैसी सामान्य बीमारियां दूर रहती हैं। जूसर की मदद से घर पर ही आवंले का जूस निकाल सकते हैं। इसमें शहद और नींबू डालकर पीएं। पानी के साथ भी पी सकते हैं। अगर आपको कच्चा आवंला पसंद नहीं है तो इसकी चटनी भी बना सकते हैं। धनिया, पुदीना और लहुसन के साथ पीसकर बनाएं। इसमें स्वादानुसार नमक और नींबू डालकर पराठें या रोटी के साथ खाएं।
आवंले को हर्बल टी या काढ़े की तरह भी प्रयोग कर सकते हैं। बाजार में भी आंवला वाले हर्बल टी आसानी से मिल जाते हैं। यही नहीं अच्छी इम्यूनिटी के लिए आप काढ़ा बनाते समय उसमें आंवले का टुकड़ा भी डालें। इस तरह यह स्वाद और सेहत दोनों ही रूप में आपके काम आएगी।
ब्रेकफास्ट के दौरान सलाद में भी आवंले को शामिल किया जा सकता है। बाजार में आंवला कैंडी और आंवला मुरब्बा आसानी से उपलब्ध है। आवंले का मुरब्बा सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है। इसे किसी भी मौसम में खाया जा सकता है। बड़े ही नहीं बच्चे भी इसे चाव के साथ खा लेते हैं।
Published on:
02 Feb 2021 02:28 pm
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