जयपुर। मांगें पूरी नहीं होने पर पिछले 37 दिन से गुजरात में आंदोलन कर रहे राजस्थान के बेरोजगारों की आखिरकार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सुनवाई की। अहमदाबाद में सोमवार देर रात बेरोजगारों के प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री के निर्देश पर बुलाया गया। राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ प्रदेशाध्यक्ष उपेन यादव के नेतृृत्व में प्रतिनिधिमंडल सीएम से मिला। सीएम ने करीब आधे घंटे तक बेरोजगारों से विभिन्न मांगों को सुना और समाधान का आश्वासन दिया। यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री ने मौके से ही अधिकारियों को नौ नवंबर को सीएमओ में वार्ता के लिए निर्देश दिए हैं। इधर, मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद बेरोजगारों ने गुजरात आंदोलन को स्थगित कर दिया। इसके बाद मंगलवार को बेरोजगार राजस्थान लौट आए।
गौरतलब है कि 37 दिन से बेरोजगार गुजरात की सड़़कों पर ही सो रहे हैं। दांडी यात्रा निकालने के बाद सरकार की ओर से सुनवाई नहीं करने पर बेरोजगारों ने काली दिवाली भी मनाई थी। इसके अलावा अहमदाबाद कांग्रेस कार्यालय के बाहर सत्याग्रह किया था।
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ओबीसी आरक्षण की विसंगतियां कैबिनेट में दूर होंगी
राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ प्रदेशाध्यक्ष ने बताया कि वार्ता के दौरान मांग की गई कि ओबीसी आरक्षण की विसंगतियों को दूर किया जाए। इस पर मुख्यमंत्री ने आश्वास्त किया है कि कैबिनेट मीटिंग में ओबीसी आरक्षण की विसंगतियों को दूर करने के ड्राफ्ट पर मुहर लगेगी। इससे ओबीसी के लाखों युवाओं को भर्तियों में फायदा होगा।
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यह है मांगें
कम्प्यूटर अनुदेशक भर्ती में 40 फीसदी न्यूनतम की बाध्यता में शिथिलता देकर सभी रिक्त पदों को भरने, राजकीय आईटीआई कॉलेजों में 1500 पदों पर कनिष्ठ अनुदेश भर्ती की विज्ञप्ति जारी कराने, पंचायतीराज जेईएन भर्ती की विज्ञप्ति जारी करने, ग्राम पंचायत ई-मित्र संचालक संघ से जुड़े ई-मित्र ऑपरेटर अभ्यर्थियों की मांगों को जल्द पूरा करने सहित 20 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन किया जा रहा है।