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वैश्विक प्रतिभा रैंकिंग में भारत की स्थिति में हुआ सुधार

प्रतिभाओं को आकर्षित करने और बनाए रखने में सफल रहा देश।

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जयपुर

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Kiran Kaur

Dec 12, 2022

वैश्विक प्रतिभा रैंकिंग में भारत की स्थिति में हुआ सुधार

वैश्विक प्रतिभा रैंकिंग में भारत की स्थिति में हुआ सुधार

इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर मैनेजमेंट डेवलपमेंट (स्विट्जरलैंड) ने वैश्विक प्रतिभा रैंकिंग (World Talent Ranking) जारी की है। इस सूची में लगातार छठे वर्ष स्विट्जरलैंड को पहला स्थान मिला है। स्वीडन, दूसरे और आइसलैंड, तीसरे नंबर पर है। रैंकिंग के मुताबिक कोलंबिया, मंगोलिया और वेनेजुएला प्रतिभाओं के विकास, उन्हें आकर्षित करने और बनाए रखने में सबसे कमजोर देश हैं। सूची में भारत चार अंक ऊपर खिसकर 52वें स्थान पर आ गया है।

तीन तथ्यों पर हुआ मूल्यांकन:

रैंकिंग के लिए 63 देशों का मूल्यांकन तीन कारकों निवेश व विकास, अपील और तैयारी पर हुआ। निवेश और विकास, स्वदेशी प्रतिभाओं को विकसित करने के लिए घरेलू संसाधनों पर विचार करता है। अपील कारक विदेशी और घरेलू बाजारों से प्रतिभाओं को आकर्षित करने और बनाए रखने की क्षमता का मूल्यांकन करता है। तैयारी, टैलेंट पूल में उपलब्ध कौशल की गुणवत्ता को मापता है। स्विट्जरलैंड, निवेश एवं विकास, अपील में पहले जबकि तैयारी के मामले में दूसरे स्थान पर है। श्रम बल के विकास में गिरावट ने देश की स्थिति को प्रभावित किया है।

सऊदी अरब ने स्थिति को बनाया मजबूत:

रिपोर्ट के अनुसार सऊदी अरब वह अर्थव्यवस्था है, जिसने वर्ष 2019 से 2022 के बीच प्रतिभा के प्रति अपनी अपील में सबसे अधिक सुधार किया। इसके लिए रहने की लागत में कमी, जीवन की गुणवत्ता में वृद्धि और महत्वाकांक्षी निवेश योजनाओं को बढ़ावा दिया गया।

टैलेंट पूल में देश का प्रदर्शन बेहतर:

टैलेंट पूल में उपलब्ध कौशल और दक्षता के मामले में भारत का प्रदर्शन बेहतर हुआ है। नौ पायदान ऊपर खिसकर इस श्रेणी में देश 18वें स्थान पर आ गया है। श्रम बल के विकास, कुशल श्रमिक और वित्तीय कुशलता आदि में सुधार से देश की स्थिति बेहतर हुई है। प्रतिभाओं को आकर्षित करने और बनाए रखने में भी भारत सफल रहा है। अपील की श्रेणी में देश की रैंकिंग एक पायदान ऊपर खिसकी है।