18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

लॉक डाउन में फंसे तो ढल गए भारतीय संस्कृति में, खजुराहो के मंदिर देखने के लिए तीन महीने किया इंतजार

लॉकडाउन में फास्ट फूड व नॉनवेज खाने वाले विदेशी बन गए शाकाहारीसमाजिक, धार्मिक आयोजनों में शामिल होकर सीखी भारतीय तहजीब

2 min read
Google source verification
Learned Indian Tehzeeb

Learned Indian Tehzeeb

छतरपुर। खजुराहो के परिश्चमी समूह के मंदिर घूमने आए विदेशी पर्यटकों के लॉकडाउन में फंसने के बाद तीन महीने में उनकी जिंदगी बदल गई है। खजुराहो में लॉकडाउन में फंसे जापानी, कनाडाई, फ्रांसीसी और हॉलैंड के पर्यटक तीन महीने तक लॉज में ही रुके रहे। फास्ट फूड और मांसाहार वाले विदेशी नागरिकों ने शाकाहारी भोजन बनाना और खाना सीख लिया। इसके साथ ही समाजिक, धार्मिक आयोजनों में भी हिस्सेदारी की, जिससे न केवल स्थानीय संस्कृति की समझ आई बल्कि लॉकडाउन का समय विदेशी भूमि पर भी परिजनों के साथ बिताए समय जैसा बीत गया। तीन महीने बाद मंगलवार को खजुराहो के मंदिर देखने की अपनी इक्छा पूरी की।अब ये पर्यटक राजस्थान घूमकर भारतीय टूरिज्म सर्किट देखने का अपना सपना पूरा करेंगे।

खुद बनाया शाकाहारी भोजन
्रखजुराहो में कफ्र्य लगने पर फांस की पर्यटक ऐलेना लेवल, ह़ॉलैंड के ईवन जोल्बा, जापन के ईबुकी म्यूरा और कनाडा की माइकल एंटोनी के सामने अपने मूल भोजन की समस्या खड़ी हो गई तो इन पर्यटकों ने भारतीय शाकाहारी खाना बनाना सीख लिया। इटैलियन पास्ता, बर्गर, पिज्जा और नॉनवेज खाने वाले ये विदेशा पोहा, खिचड़ी और मिक्स वेज बनाना और खाना सीख गए। खजुराहो के मंदिर घूमने की आस में लॉज में रुके पर्यटक लॉकडॉउन के शुरु में दिन का आधा समय शाकाहारी खाना बनाने और खाने में गुजारते रहे।

तरह-तरह की गतिविधियों में हुए शामिल
लॉकडाउन के दौरान स्थानीय लोगों के संपर्क में आए विदेशी नागरिकों ने समाजिक, धार्मिक गतिविधियों में हिस्सा लिया। खजुराहो में तालाब सफाई अभियान में दो पर्यटक रोजाना श्रमदान करते रहे। वहीं कन्या भोज, गुरु पूर्णिमा महोत्सव जैसे आयोजनों में पूजन-हवन में शामिल होकर पूजा-पाठ की विधि सीख ली। इतना ही नहीं पेटिंग क्लास की गतिविधियों में शामिल हुए और काजग व ब्रश पर भी अपने हाथ आजमाए। ऐलेना लेवल, ईवन जोल्बा और ईबुकी म्यूरा ने लॉकडाउन में जरूरत मंद लोगों को खाना के पैकेट बांटने में भी सहयोग किया।

विदेशियों की मदद के लिए बनाया सोशल ग्रुप
खजुराहो के सुधीर शर्मा ने खजुराहो में लॉकडाइन शुरु होने के समय फंसे 33 विदेशी पर्यटकों की मदद के लिए खजुराहो लॉकडाउन ग्रुप बनाया, ताकि विदेशी नागरिकों को कोई परेशानी या आवश्यकता होने पर मदद की जा सके। इसी ग्रुप के जरिए विदेशी नागरिक स्थानीय लोगों के संपर्क में आए और स्थानीय गतिविधियों में शामिल होने लगे। सुधार शर्मा बताते है कि ये विदेशी पर्यटक खजुराहो व खजुराहो के लोगों से अपनत्व रखने लगे हैं। तीन महीने बाद मंदिर देखे, लेकिन अभी आगे की यात्रा के पहले कुछ दिन और खजुराहो में बिताने के मूड में है।

आर्थिक संकट से ऐसे पाया पार
लॉकडाउन में फंसने पर विदेशी पर्यटकों में से ज्यादातर ने महंगे होटल छोड़ दिए और लॉज में रहने लगे, हॉलैंड के ईवन जोल्बा खजुराहो आए तो रमाड़ा होटल के 3500 रुपए प्रतिदिन किराया वाले कमरे में रुके, लेकिन लॉकडाउन लगा तो मार्च के आखरी सप्ताह में ही योगी लॉड शिफ्ट हो गए, जहां 700 रुपए में ही रुम मिल गया। विदेशी पर्यटकों ने लॉकडाउन में फंसे रहने के कारण बजट न गड़बड़ाए, इसलिए ऐसा किया। जापान पर्यटक ईबुकी म्यूरा ने तो परिजनों से रुपए मंगाए और खजुराहो के मंदिर देखने के लिए अनलॉक का इंतजार करते रहे। अब जब तीन महीने बाद मंदिर को पास से देखा तो सभी पर्यटकों ने कहा खजुराहो अदभुत है।


बड़ी खबरें

View All

अंबिकापुर

छत्तीसगढ़

ट्रेंडिंग