
अमीर राज्यों में बड़ा इलेक्ट्रिक वाहनों का क्रेज
तकनीकी प्रगति और जीवाश्म ईंधन को लेकर चिंता ने भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की तादाद बढ़ाई है। देशभर में इलेक्ट्रिक वाहनों की दौड़ में गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र सहित सात समृद्ध राज्य आगे हैं, जिनकी इलेक्ट्रिक कारों में 82 फीसदी और इलेक्ट्रिक स्कूटर की बिक्री में 65 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। इस तरह भारत का ईवी मार्केट समृद्ध राज्यों में तेजी से बढ़ रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार पिछले पांच वर्षों में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में वृद्धि साल दर साल 141 प्रतिशत रही है। जबकि पेट्रोल और बैटरी पर आधारित हाइब्रिड कारों की बिक्री इसी अवधि में सालाना 101 फीसदी बढ़ी।
डीजल के मुकाबले बढ़ेगी ईवी कारें: पांच साल पहले भारत में 1,000 से भी कम इलेक्ट्रिक कारें बिकी थीं और ऑटो एक्सपो में 26 कॉन्सेप्ट ईवी प्रदर्शित किए गए थे। जबकि इस बार के ऑटो एक्सपो में इलेक्ट्रिक कारें सबसे ज्यादा चर्चा का विषय रहीं। कई प्रमुख कार निर्माताओं ने अपने इलेक्ट्रिक मॉडल लॉन्च किए। अगले दो वर्षों में हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री डीजल की तुलना में बढ़ेगी। डीजल वाहनों का पंजीकरण वर्ष 2018 में 34 फीसदी था, जो अब 18.9 प्रतिशत रह गया है। कुल कार बिक्री में पेट्रोल कारों की हिस्सेदारी लगभग दो-तिहाई है, जो पांच साल पहले 57 प्रतिशत थी।
इलेक्ट्रिक सेगमेंट में दोपहिया वाहन आगे : भारत में इलेक्ट्रिक सेगमेंट में दोपहिया वाहन सबसे आगे हैं, जो पिछले पांच वर्षों में सालाना 150 फीसदी की दर से बढ़े हैं। लेकिन ये अभी भी कुल दोपहिया सेगमेंट की बिक्री का सिर्फ 3.9 प्रतिशत हैं। कुल इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में दोपहिया वाहनों की हिस्सेदारी आधे से ज्यादा है। एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल दिसंबर में कुल 1,02,212 ईवी की बिक्री हुई। इनमें सबसे ज्यादा दोपहिया वाहन (62.96%) और तिपहिया वाहन (29.69 %) बिके जबकि इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी सिर्फ 3.66 फीसदी रही।
Published on:
20 Jan 2023 11:36 am
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