देश के प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू के घर जन्मी इंदिरा गांधी को भारत की लौहमहिला के रूप में याद किया जाता है। उनका जन्म 19 नवम्बर 1917 को इलाहाबाद में हुआ था। उन्होंने अपनी शिक्षा शांति निकेतन, बैडमिंटन स्कूल और ऑक्सफोर्ड में प्राप्त की।
देश के स्वाधीनता संग्राम में भाग लेने के कारण उनके पिता अक्सर जेल में अथवा यात्रा पर रहते थे जबकि उनकी माता का जल्द ही तपेदिक से निधन हो गया था, अत: इंदिरा को अपने माता-पिता का वात्सल्य नहीं मिल पाया। आगे चलकर वह भी देश के स्वाधीनता संग्राम से जुड़ गई। उन्होंने एक पारसी कांग्रेस कार्यकर्ता फिरोज गांधी से विवाह किया। इस विवाह से उनके दो पुत्र संजय गांधी और राजीव गांधी का जन्म हुआ।
इंदिरा गांधी सक्रिय राजनीति में अपने पिता जवाहरलाल नेहरू की मृत्यु के बाद आईं। उन्होंने प्रथम बार प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के कार्यकाल में सूचना और प्रसारण मंत्री का पद संभाला। इसके बाद शास्त्री जी के निधन पर वह देश की तीसरी प्रधानमंत्री चुनी गई। इंदिरा गांधी को वर्ष 1971 में भारत रत्न से भी सम्मानित किया गया था।
उन्होंने ही वर्ष 1974 को परमाणु परीक्षण कर देश को परमाणु शक्ति प्रदान की। उन्होंने देश का 1966 से 1977 तक तथा 1980 से 1984 तक देश का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया। वर्ष 1981 में अमृतसर के सिख मंदिर पर ऑपरेशन ब्लू स्टार चलाने से क्रोधित उनके सिख गार्ड्स ने 31 अक्टूबर 1984 को उनकी गोली मारकर हत्या कर दी।