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INS Vela Commissioned: आ गई गाइडेड मिसाइल से लैस आईएनएस वेला

INS Vela Commissioned: भारतीय नौ सेना (indian navy) को गुरुवार को एक और घातक पनडुब्बी (submarine) मिल गई। घातक हथियारों से लैस स्कॉर्पीन क्लास आइएनएस 'वेला' (INS Vela) पनडुब्बी की ताकत मिल गई है। मुंबई के ही मझगांव डॉक में बनाई गई यह पनडुब्बी नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह नेवी को सौंपी गई।

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INS Vela Commissioned

जयपुर.

भारतीय नौ सेना (indian navy) को गुरुवार को एक और घातक पनडुब्बी (submarine) मिल गई। घातक हथियारों से लैस स्कॉर्पीन क्लास आइएनएस 'वेला' (INS Vela) पनडुब्बी की ताकत मिल गई है। मुंबई के ही मझगांव डॉक में बनाई गई यह पनडुब्बी नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह नेवी को सौंपी गई।

फ्रांसीसी तकनीकी से निर्मित वेला (vigilant valiant victorious ) की कई खूबियां हैं। डीजल-इलेक्ट्रिक इंजन चालित और आधुनिक सुरक्षा तकनीक से लैस यह पनडुब्बी एंटीसरफेस वॉर, एंटीसबमरीन वॉर सहित दुश्मन की खुफिया जानकारी जुटाने, माइन बिछाने, निगरानी जैसे कई मिशन को अंजाम दे सकती है।

पानी के भीतर या फिर सतह पर एक ही समय में यह टॉरपीडो के साथ ट्यूब से एंटी-शिप मिसाइलें छोड़ दुश्मन के ठिकानों को तबाह कर सकती है। ट्यूब तो आप जानते ही होंगे। नहीं जानते हैं तो कैप्टन रणविजय सिंह वाली फिल्म देख लिजिए जिन्होंने 1971 के युद्ध में पीएनएस गाजी को डूबो दिया था।

छह पनडुब्बियां बना रहे
स्कॉर्पीन क्लास की छह पनडुब्बियां बनाई जा रही हैं। इनमें कलावरी, खंडेरी और करंज नौसेना की सेवा में हैं। दो और पनडुब्बियां वागीर और वाग्शीर मिलेंगी। इनमें वागीर ट्रायल के दौर में है। पिछले हफ्ते रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नौसेना को मिसाइल डेस्ट्रॉयर पोत आइएनएस विशाखापत्तनम सौंपा है।

दुश्मन के रडार को देगी चकमा
'वेला' स्टेल्थ और एयर इंडिपेंडेंट प्रॉपल्शन सहित कई तरह की तकनीकों से लैस है। इसकी खास बनावट के चलते दुश्मन के रडार को यह चकमा दे सकती है। इससे जमीनी ठिकानों पर भी हमला किया जा सकता है। हाइड्रो-डायनैमिक शेप, टॉप साइलेंसिंग तकनीक व लो रेडिएटेड नॉइज लेवल के चलते यह दुश्मन को चकमा दे सकती है।

दो साल से चल रहा परीक्षण
आइएनएस वेला के कैप्टन अनीश मैथ्यू ने बताया कि दो साल से समुद्र और बंदरगाहों में इसका परीक्षण चल रहा था। सभी कसौटियों पर यह खरी है। यह डीजल इंजन और बैटरी से संचालित है। प्रोजेक्ट 75 के तहत बनाई गई वेला मेक इन इंडिया का उदाहरण है। इसे बनाने के लिए ज्यादातर सामग्री देश से ही हासिल की गई है।

आइएनएस वेला की विशेषताएं

वजन: 1,775 टन
लंबाई: 67.5 मीटर
बीम: 6.2 मीटर
ऊंचाई: 12.3 मीटर
गति: 20 किमी प्रति घंटा सतह पर
गति: 37 किमी प्रति घंटा पानी पर
गहराई: 350 मीटर नीचे तक सकती है
स्टाफ: 10 ऑफिसर्स और 35 जवान
रेंज: 12,000 किमी (सतह पर 15 किमी की गति से)
ठहराव: 50 दिनों तक