6 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

BDay: पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की जिंदगी से जुड़ी वो दस बातें जो शायद नहीं जानते आप

ज्योतिरादित्य सिंधिया का जन्मदिन 1 जनवरी को है। इस खास मौके पर हम आपको उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ खास फैक्ट्स बता रहे हैं, जो शायद आपको न पता हो।

3 min read
Google source verification

ग्वालियर। पूर्व केन्द्रीय मंत्री और सिंधिया राजघराने के महाराज ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम आज देश के सबसे महत्वपूर्ण लोगों में लिया जाता है। ज्योतिरादित्य सिंधिया पूर्व केन्द्रीय मंत्र माधवराव और महारानी माधवी राजे के पुत्र है। सिंधिया घराने के इस महाराज का जन्मदिन 1 जनवरी को है। इस खास मौके पर हम आपको उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ खास फैक्ट्स बता रहे हैं, जो शायद आपको न पता हो।

1- ज्योतिरादित्य सिंधिया का जन्म 1 जनवरी को मुम्बई के समुद्रमहल में हुआ था। ज्योतिरादित्य की बहन चित्रांगदा है, जो उनसे तीन साल बड़ी हैं।

2- 1971 की 1 जनवरी को पैदा हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया के नामकरण को लेकर भी किस्सा है। ज्योतिरादित्य की दादी चाहती थी कि उनका नाम देवता ज्योतिबा के नाम पर रखा जाए, जबकि माधवराव और माधवीराजे ने विक्रमादित्य नाम सोच रखा था। बाद में उनका नाम ज्योतिरादित्य रखा गया।

3- सिंधिया वंश में कई पीढिय़ों से एकलौते पुत्र वारिस ही देखे गये हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया, माधवराव सिंधिया के इकलौते पुत्र है और ज्योतिरादित्य के इकलौते पुत्र महाआर्यमन सिंधिया है। माधवराव के पिता भी जीवाजी राव भी एक अकेले वारिस ही थे।

4- ज्योतिरादित्य सिंधिया के जन्म पर महीनो तक ग्वालियर में जश्न मनाया गया। क्योंकि उनके जन्म के साथ ही ग्वालियर राजघराने को अपना वारिस मिल गया था। ये इसलिए भी महत्वपूर्ण था क्योंकि इससे करीब 100 साल पहले सिंधिया राजवंश को वारिस गोद लेना पड़ा था।

5- 2001 में पिता की मौत के बाद बने ग्वालियर के नए महाराज। अपने पिता एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री माधवराव सिंधिया के संसदीय क्षेत्र गुना-शिवपुरी से सासंद बने। लोकसभा में वे चौथी बार सदस्य बने।

6- ज्योतिरादित्य और उनके पिता के कई किस्से है, जिसमें ट्रेजरी हंट, जंगल में खुले में घूमने जैसे खेल शामिल हैं। सूत्र बताते हैं कि माधवराव उन्हें निडर और साहसी बनाना चाहते थे, इसलिए बचपन में उन्हें टफ टास्क देते थे।

7- ज्योतिरादित्य सिंधिया का आशियाना पूरी दुनिया में खास है। वे 1874 में यूरोपियन शैली में बने शानदार महल जयविलास पैलेस में रहते हैं। इस शाही महल में कुल 400 कमरें हैं। महल की छतों पर सोना लगा हुआ है।

8- ज्योतिरादित्य सिंधिया की शादी बडौदा के गायकवाड़ घराने की राजकुमारी प्रियदर्शनी राजे से 12 दिसंबर 1994 को हुई। प्रियदर्शनी राजे के पिता कुंवर संग्राम सिंह के तीसरे बेटे थे, जबकि उनकी मां नेपाल राजघराने से ताल्लुक रखती हैं।

9- ज्योतिरादित्य की पत्नी प्रियदर्शनी राजे भी बेहद खास है और उन्हें विश्व की टॉप-50 ब्यूटीफुल वीमंस में शामिल किया गया है।

10- ज्योतिरादित्य सिंधिया सियासत में पिता के पद चिन्हों पर चल रहे हैं। वे कांग्रेस में है, जबकि उनकी दादी राजमाता विजयाराजे, दोनो बुआ वसुंधरा व यशोधरा राजे का संबध भारतीय जनता पार्टी से है।

ज्योतिरादित्य सिंधिया की शादी बडौदा के गायकवाड़ घराने की राजकुमारी प्रियदर्शनी राजे से 12 दिसंबर 1994 को हुई। प्रियदर्शनी राजे के पिता कुंवर संग्राम सिंह के तीसरे बेटे थे, जबकि उनकी मां नेपाल राजघराने से ताल्लुक रखती हैं।

ज्योतिरादित्य की पत्नी प्रियदर्शनी राजे भी बेहद खास है और उन्हें विश्व की टॉप-50 ब्यूटीफुल वीमंस में शामिल किया गया है।