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#KarSalaam: महीनों बाद भी मैंने उनकी वर्दी नहीं धोई, क्योंकि आज भी उसमें उनकी खुशबू आती है

देश का ऐसा कोई भी जवान ऐसा नहीं है जिसकी शहादत बेकार गई हो। इसी कड़ी में आज मैं आपको मेजर अक्षय गिरीश कुमार के बारे में बताने जा रहा हूं।

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Sunil Chaurasia

Jan 05, 2018

akshay girish kumar

नई दिल्ली। इस साल 26 जनवरी को हम अपना 69वां गणतंत्र दिवस मनाएंगे। हमने तय किया कि आपको उन जवानों की कुछ ऐसी कहानियां बताएं, जो आपको रोने के लिए मजबूर कर दे। इस बात पर मेरी अपनी सोच है कि हम किसी न किसी के लिए बहुत रोए ही होंगे, तो मैंने सोचा आपको ऐसा मौका भी मिले कि आप देश के जवानों के लिए भी रोएं। लता मंगेश्कर के एक गाने की लाइन है- ऐ मेरे वतन के लोगों, ज़रा आंख में भर लो पानी, जो शहीद हुए हैं उनकी ज़रा याद करो कुर्बानी।

देश का ऐसा कोई भी जवान ऐसा नहीं है जिसकी शहादत बेकार गई हो। इसी कड़ी में आज मैं आपको मेजर अक्षय गिरीश कुमार के बारे में बताने जा रहा हूं। साल 2016 में जम्मू कश्मीर के नगरोटा में आर्मी बेस कैंप पर आतंकियों ने हमला कर दिया। इस हमले में कुल 7 जवान शहीद हुए थे। जिसमें 2 सेना के जवान भी शामिल थे। तो वहीं हमारे जवानों ने भी 3 आतंकियों को ढेर कर दिया था।

इस हमले में मेजर अक्षय गिरीश कुमार भी शहीद हो गए थे। मेजर अपने पीछे अपना पूरा परिवार छोड़ गए। अक्षय के परिवार में उनके माता-पिता, पत्नी संगीता और एक प्यारी सी बेटी नैना भी हैं। पिछली साल गिरीश की वाइफ संगीता ने सोशल मीडिया पर पति की याद में एक ऐसा मैसेज लिखा, जिसने पूरे देश को रोने के लिए मजबूर कर दिया था। संगीता ने बताया कि गिरीश ने साल 2009 में उन्हें प्रपोज़ किया था। 2011 में दोनों ने शादी कर ली, जिसके 2 साल बाद संगीता ने नैना को जन्म दिया था।

संगीता ने बताया कि हमले के वक्त वे भी वहीं थी। संगीता ने आज भी गिरीश की वर्दी को संभाल कर रखा है। उन्होंने कहा कि जब भी उन्हें गिरीश की याद आती है, वो उनकी वर्दी पहन लेती हैं। संगीता ने कहा कि उन्होंने अभी तक गिरीश की वर्दी में नहीं धोई क्योंकि आज भी उनकी वर्दी से गिरीश की खुशबू आती है।