जानिए किस हाल में है राजीव गांधी के हत्यारे

-29 वर्ष पहले श्रीपेरुम्बदूर में बम विस्फोट में गई थी पूर्व प्रधानमंत्री की जान

By: pushpesh

Published: 21 May 2020, 07:06 PM IST

चेन्नई. आज से ठीक 29 वर्ष पहले तमिलनाडु के श्रीपेरुम्बदूर में लिट्टे समर्थित एक आत्मघाती महिला हमलावर ने बम विस्फोट कर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या कर दी थी। हादसे में हमलावर धनु सहित 18 लोगों की मृत्यु हो गई थी। धमाका इतना शक्तिशाली था राजीव गांधी का शरीर क्षत-विक्षत हो गया था। हाथ पर बंधी घड़ी और पैर के जूते से उनकी पहचान की गई थी। इसके बाद हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया गया था, जो अब तमिलनाडु की जेल में हैं। इस बीच इन हत्यारों को रिहा करने की मांग भी उठती रही। जयललिता से अब तक तमिलनाडु सरकार उनकी रिहाई के प्रयास किए, लेकिन हत्यारे अभी भी जेल में हैं। आज किस हाल में हैं राजीव के हत्यारे, एक रिपोर्ट-

मुरुगन : लिट्टे का मुख्य प्रशिक्षक और बम एक्सपर्ट मुरुगन श्रीलंका के जाफना से आया था। नलिनी श्रीहरन से शादी की। हत्या की साजिश में शामिल नलिनी भी जेल में है। दोनों पति-पत्नी को 1999 में फांसी की सजा सुनाई गई थी। एक साथ सजा काटते हुए 1992 में नलिनी ने वेल्लोर जेल में ही बच्ची हरिद्रा को जन्म दिया था। हालांकि बेटी के जन्म के बाद उसकी सजा को उम्रकैद में बदल दिया गया था। अब मुरुगन जेल में बीमार है। उसने दया याचिका भी दायर कर रखी है।

नलिनी : नलिनी ने चेन्नई के कॉलेज से ग्रेजुएशन किया था। वह चेन्नई में ही स्टेनोग्राफर की जॉब करती थी। इसके साथ ही वह डिस्टेंस एजुकेशन से मास्टर डिग्री कर रही थी। पहले वह लिट्टे कार्यकर्ता के संपर्क में आई और बाद में इसकी सक्रिय कार्यकर्ता बन गई। उसका भाई पीएस भाग्यनाथन भी लिट्टे समर्थक था। सोनिया गांधी के दखल के बाद राष्ट्रपति ने नलिनी की दया याचिका स्वीकार कर ली। नलिनी पिछले वर्ष बेटी हरिद्रा की शादी के लिए एक महीने पैरोल पर रही थी। उसकी बेटी लंदन में जॉब करती है।

एजी पेरारिवलन : 1991 में गिरफ्तारी के समय निवासी एजी पेरारिवलन इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में अपना डिप्लोमा पूरा कर चुका था। वर्ष 2014 को सुप्रीम कोर्ट ने उसकी मौत की सजा को उम्रकैद में बदल दिया था। पेरारिवलन ने जेल में ही कंप्यूटर एप्लीकेशन की डिग्री पूरी की। इसके बाद एमसीए किया। उसने ये एग्जाम 90 फीसदी से ज्यादा नंबर से पास किए। इसके बाद 2013 में तमिलनाडु की एक अन्य परीक्षा में वह गोल्ड मेडलिस्ट रहा।

पी. रविचंद्रन : लिट्टे का सक्रिय सदस्य रविचंद्रन ने श्रीलंका में हथियारों की कड़ी ट्रेनिंग ली थी। यह शिवरासन के लिए जरूरी काम देखता था। शिवरासन ही हमला करने वाले दल का मुखिया था। जिसने बम हमले के बाद खुदकुशी कर ली थी।

संथन : इस बम धमाके को अंजाम देने के लिए संथन पहले दल में श्रीलंका से भारत आया। वह राजीव गांधी को बम से उड़ाने वाली मानव बम धनु का दोस्त था। संथन पर हत्यारों की मदद करने का आरोप है।

जयकुमारन : पयास के साथ जयकुमार को लिट्टे ने भारत भेजा था ताकि वे इस धमाके को अंजाम देने वाले लोगों के लिए सुरक्षित स्थान ढूंढ सकें। जयकुमारन की बहन की शादी पयास से हुई थी।

पयास: ट्रायल के दौरान उसे मौत की सजा सुनाई गई थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने माना था कि उसके साजिश में सीधे जुड़े होने के कोई सबूत नहीं है।

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