उन्होंने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे लोग त्रस्त हैं। डॉलर के मुकाबले रुपए में गिरावट जारी है लेकिन सरकार कुछ नहीं कर रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केवल बातें करना जानते हैं। उन्हें भीड़ से ताली बजवाना, ड्रामे करना, भाषा से प्रभावित करना तो अच्छी तरह आता है लेकिन क्या वे जनता की तकलीफें भी जानते हैं? अगर वे जनता का दर्द समझते तो शायद जो कुछ आज हो रहा है वो नहीं होता। श्रमिकों, मजदूरों की सुनवाई होती। हाल ही गंगानगर में किसानों पर जो लाठीचार्ज हुआ वो नहीं होता। राज्य व केंद्र में जल्द ही चुनाव होने वाले हैं मुझे लगता है कि जनता ही प्रधानमंत्री को उचित जवाब दे देगी।