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एआइ की मदद से और भी ताकतवर हो रहे ‘ह्यूमेनॉइड रोबोट्स’

कुछ साल पहले तक जो रोबोट्स दरवाजा खोलने, बिजली उपकरणों को संचालित करने जैसे कामों को करने में संघर्ष करते हुए नजर आते थे। अब वही रोबोट्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) और मशीन लर्निंग की मदद से और भी शक्तिशाली हो गए हैं।

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जयपुर

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Kiran Kaur

Jul 17, 2023

एआइ की मदद से और भी ताकतवर हो रहे 'ह्यूमेनॉइड रोबोट्स'

एआइ की मदद से और भी ताकतवर हो रहे 'ह्यूमेनॉइड रोबोट्स'

नई दिल्ली। कुछ साल पहले तक जो रोबोट्स दरवाजा खोलने, बिजली उपकरणों को संचालित करने जैसे कामों को करने में संघर्ष करते हुए नजर आते थे। अब वही रोबोट्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) और मशीन लर्निंग की मदद से और भी शक्तिशाली हो गए हैं। हाल में स्विट्जरलैंड में हुई स्मार्ट रोबोट्स की प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी एक रोबोट ने दावा किया था कि वे इंसानों से बेहतर दुनिया चला सकते हैं। अगर तकनीकी प्रगति यूं ही जारी रही तो वह दिन दूर नहीं जब आपका रोबोटिक असिस्टेंट एक ह्यूमेनॉइड होगा।

सैनिक से सोफिया तक रोबोट्स का सफर:

ह्यूमेनॉइड रोबोट्स, टेक्नोलॉजी की दिशा में ऐसा कदम है, जो इंसानों को टक्कर देते हैं। इनके हाव-भाव, देखने का तरीका और अभिव्यक्ति बिल्कुल मनुष्य की तरह होती है। पहला ह्यूमेनॉइड रोबोट एक सैनिक था, जिसे 1810 में जर्मनी में बनाया गया था। फिर 1939 में बेहद वजनी रोबोट एलेक्ट्रो को वर्ल्ड फेयर में पेश किया गया। 1950 के दशक में इलेक्ट्रॉनिक ऑटोनोमस रोबोट आया। 2002 में रोबोटिक वैक्यूम क्लीनर रुम्बा रिलीज हुआ। फिर 2017 में रोबोट्स की दुनिया में सोफिया एक बड़ा बदलाव लेकर आई। यह दुनिया की ऐसी पहली रोबोट बनी जिसे किसी देश (सऊदी अरब) ने अपनी नागरिकता दी।

इसलिए उपयोगी हैं ये मशीनी इंसान

दुनिया को चौंका रहे ये रोबोट्स
नादिन: यह एक होशियार रोबोट है, जो अभिवादन करती है, आइ कॉन्टेक्ट बनाती है और अगर कोई उससे बातचीत करे तो उन बातों को याद भी रखती है। ऑडियो और विजुअल इनपुट जुटाने के लिए यह 3डी डेप्थ कैमरा, माइक्रोफोन और वेबकैम से लैस है। इसका चेहरा अपनी निर्माता नादिया थालमन से मिलता है।

जुनको चिहिरा: इसे दुनिया का बेस्ट सर्विस ह्यूमेनॉइड रोबोट माना जाता है। इंसानों जैसे दिखने वाला यह रोबोट जापान के न्यू टूरिस्ट इंफॉर्मेशन सेंटर में काम करता है। पूर्व में यह पहले से निर्धारित स्पीच के साथ ही प्रतिक्रिया दे पाता था लेकिन अब यह आवाज को पहचानकर पर्यटकों के सवालों का जवाब दे सकता है।

जेमिनॉइड डीके: यह रोबोट डेनमार्क की अलबोर्ग यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर हेनरी शार्फ जैसा है। यह हेनरी से इतना मिलता-जुलता है कि उन्हीं के जैसे व्यवहार और यहां तक कि कंधों को भी हिलाता है। इस रचना का मुख्य उद्देश्य ह्यूमेनॉइड को पूरी तरह से इंसान जैसा बनाना है।

अमेका: दुनिया के सबसे उन्नत ह्यूमेनॉइड रोबोट्स में से एक है। यह इंसानों के चेहरे और उसकी भावनाओं की बेहतरीन नकल उतारता है। माना जा रहा है कि भविष्य में जो रोबोट्स भावनाओं के आधार पर काम करेंगे, उनके लिए यह रोबोट आदर्श बनेगा।

भविष्य की दुनिया को बदलेंगे रोबोट्स