
राज्यसभा चुनाव के बाद अब एमएलसी के चुनाव में एक बार फिर भाजपा ने महाराष्ट्र की एमवीए गठबंधन सरकार को अपना दम दिखाया है। फणनवीस एक बार फिर उद्धव ठाकरे पर भारी पड़े हैं। महाराष्ट्र विधान परिषद (एमएलसी) की कुल 10 सीटों में से सोमवार को मतदान हुआ। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पांच सीटों पर जीत हासिल की, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और शिवसेना ने दो-दो सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस ने एक पर जीत हासिल की।
10 सीटें और 11 थे उम्मीदवार
परिषद की दस सीटों के लिए हुए चुनाव में ग्यारह उम्मीदवार मैदान में थे। भाजपा के प्रवीण दरेकर, राम शिंदे, श्रीकांत भारतीय, उमा खापरे और प्रसाद लाड चुनाव जीत गए हैं। राकांपा के रामराजे नाइक निंबालकर और पूर्व मंत्री एकनाथ खड़से और शिवसेना के सचिन अहीर और अमश्य पड़वी ने बाजी मार ली। कांग्रेस के मुंबई इकाई के अध्यक्ष भाई जगताप चुनाव हार गए और पूर्व मंत्री चंद्रकांत हंडोरे चुनाव जीत गए।
भाजपा ने फिर दी मात
भाजपा ने सत्तारूढ़ महा विकास आघाड़ी (एमवीए) को फिर से मात दे दी। हाल में महाराष्ट्र में हुए राज्यसभा चुनाव में विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एमवीए गठबंधन को मात दी थी। सभी 285 पात्र विधायकों ने मतदान किया । महाराष्ट्र विधानसभा की कुल क्षमता 288 सदस्यों की है। कुल 10 सीटों के लिए हो रहे चुनाव में 11 उम्मीदवार मैदान में थे। शिवसेना विधायक रमेश लातके के निधन और राकांपा के दो विधायकों- नवाब मलिक और अनिल देशमुख के जेल में बंद होने और अदालत द्वारा उन्हें मतदान की अनुमति नहीं देने के बाद कुल सदस्यों की क्षमता घटकर 285 रह गई है।
भाजपा के 106 पडे़ भारी
राज्य की एमवीए सरकार के घटक शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस ने दो-दो प्रत्याशी उतारे, जबकि भाजपा ने पांच उम्मीदवारों को टिकट दिया था। इस चुनाव में निर्दलीय और छोटे दलों की भूमिका को महत्वपूर्ण माना जा रहा था क्योंकि शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस के गठबंधन वाला सत्तारूढ़ महा विकास आघाड़ी (एमवीए) अपने सभी छह उम्मीदवारों की जीत को लेकर चुनौती का सामना कर रहा है। विधान परिषद चुनाव जीतने के लिए प्रति उम्मीदवार पहली वरीयता के वोटों का कोटा 26 है। भाजपा के पास 106 विधायक हैं, शिवसेना के पास 55, कांग्रेस के पास 44 और राकांपा के पास 52 विधायक हैं। पिछले कुछ दिनों में चारों प्रमुख दलों ने चुनाव जीतने की अपनी रणनीति के तहत कई निर्दलीय और छोटे दलों के विधायकों से संपर्क किया था। सदन में निर्दलीय और छोटे दलों के कुल 25 सदस्य हैं। इन्हीं के मदद से भाजपा के पांचों उम्मीदवार जीत पाए।
Published on:
21 Jun 2022 06:51 am
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