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दुनिया के सबसे खुशहाल देश महिलाओं के लिए भी श्रेष्ठ

आइसलैंड, फिनलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और न्यूजीलैंड प्रमुख देश हैं, जो खुशहाली और लैंगिक समानता के मामले में भी शीर्ष 10 में शामिल हैं।
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जयपुर

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Kiran Kaur

•

Updated: 18 Mar 2024, 11:36 AM IST

दुनिया के सबसे खुशहाल देश महिलाओं के लिए भी श्रेष्ठ

दुनिया के सबसे खुशहाल देश महिलाओं के लिए भी श्रेष्ठ

नई दिल्ली। दुनिया के कुछ खुशहाल देश सबसे अधिक लिंग-समानता वाले भी हैं। इनमें आइसलैंड, फिनलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और न्यूजीलैंड प्रमुख देश हैं, जो खुशहाली और लैंगिक समानता के मामले में भी शीर्ष 10 में शामिल हैं। ये देश कई सालों से महिलाओं, पुरुषों के बीच भेदभाव को दूर करने और स्थानीय नागरिकों की खुशी को बढ़ाने की दिशा में दुनिया का नेतृत्व कर रहे हैं। 2018 के बाद से ये सभी देश वर्ल्ड हैप्पीनेस इंडेक्स और ग्लोबल जैंडर गैप रिपोर्ट में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले राष्ट्रों की सूचियों में उच्च स्थान पर हैं।

छुट्टियों संबंधी उदार नीतियां नॉर्डिक देशों में:

यह कोई संयोग नहीं है कि दुनिया के सबसे खुशहाल देश सामाजिक और आर्थिक रूप से लैंगिक समानता के समर्थक हैं। विशेषज्ञों का यह मानना है कि इन देशों में लैंगिक समानता के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण ने नागरिकों के समग्र कल्याण को बढ़ावा दिया है। ऐसे देश जहां खुशहाली और लैंगिक समानता साथ-साथ हैं, उनमें आइसलैंड, स्वीडन, फिनलैंड और नॉर्वे जैसे नॉर्डिक देशों का स्थान विशेष है। विश्वभर के राष्ट्रों की तुलना में नॉर्डिक देशों में माता-पिता के लिए सबसे उदार भुगतान वाली छुट्टियों संबंधी नीतियां हैं।

महिलाओं के लिए कार्यबल में लौटना हुआ आसान:

नॉर्वे में नए माता-पिता पूर्ण वेतन पर कुल 49 सप्ताह या 80 प्रतिशत वेतन पर 59 सप्ताह की छुट्टी लेने के हकदार होते हैं। इनमें से 15 सप्ताह मां के लिए आरक्षित हैं, 15 सप्ताह पिता के लिए और शेष 19 सप्ताह वे अपने विवेकानुसार साझा कर सकते हैं। ऐसे में मांओं के लिए परिवार और अपने कॅरियर के बीच संतुलन बनाना आसान हो जाता है। नॉर्डिक देशों में रहने वालों के पास दुनिया में सबसे सस्ती बाल देखभाल तक पहुंच है, जो महिलाओं और परिवारों की खुशी का प्रमुख कारक है। इससे मांओं के लिए बड़ी संख्या में कार्यबल में लौटना आसान हुआ है।

न्यूजीलैंड और आइसलैंड ने भी उठाए सख्त कदम:

न्यूजीलैंड ने भी लैंगिक वेतन के अंतर को कम करने की दिशा में प्रगति की है। इस देश की सरकार ने 900 कंपनियों को अपने वेतन अंतर की रिपोर्ट करने की योजना पेश की है। हालांकि न्यूजीलैंड में पहले से ही दुनिया में सबसे कम 14 प्रतिशत वेतन अंतर है। इसी तरह छह साल पहले, आइसलैंड ने यह नीति पेश की थी कि 25 से अधिक कर्मचारियों वाले संगठनों को साबित करना होगा कि वे एक जैसी भूमिकाओं में पुरुष और महिला कर्मचारियों को समान रूप से भुगतान करते हैं।

सर्वाधिक खुशहाल देश
1. फिनलैंड
2. डेनमार्क
3. आइसलैंड
4. इजराइल
5. नीदरलैंड्स
स्रोत: वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट

लैंगिक समानता वाले देश
1. आइसलैंड
2. नॉर्वे
3. फिनलैंड
4. न्यूजीलैंड
5. स्वीडन

स्रोत: वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम