
चीन ने तैयार किया दुनिया का पहला एआइ चाइल्ड 'टोंग टोंग'
बीजिंग। चीन के वैज्ञानिकों ने दुनिया का पहला एआइ बच्चा तैयार किया है। यह बच्चा टोंग टोंग नाम की लड़की है, जिसमें तीन या चार साल के इंसानी बच्चे का भावनात्मक व्यवहार और क्षमताएं हैं। टोंग टोंग या अंग्रेजी में लिटिल गर्ल के निर्माण के साथ ही साइंस फिक्शन अब वास्तविकता बन गई है। इस एआइ यूनिट को बीजिंग इंस्टीट्यूट फॉर जनरल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (बीआइजीएआइ) की ओर से पिछले महीने फ्रंटियर्स ऑफ जनरल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी प्रदर्शनी में पेश किया गया था।
आभासी टोंग टोंग का भौतिक स्वरूप नहीं:
यह एआइ बच्चा खुद को काम सौंप सकता है, जो इसकी सबसे बड़ी विशेषता है। इसके अलावा यह अपने आप ही चीजें सीखने में सक्षम है और आसपास के वातावरण को एक्सप्लोर कर सकता है। टोंग टोंग खुशी, गुस्सा और उदासी जैसी भावनाओं को पहचानने, संचार करने और दूसरों की भावनात्मक स्थिति पर उचित प्रतिक्रिया देने की भी क्षमता रखती है। एआइ-संचालित रोबोट्स जो टर्मिनेटर जैसी फिल्मों में नजर आए हैं, इनके विपरीत टोंग टोंग का कोई भौतिक रूप नहीं है। इसके बजाय यह एआइ यूनिट, एक आभासी वातावरण में मौजूद है और संचालित होती है।
एआइ चैटबॉट से कई मामलों में अलग:
चैटजीपीटी जैसे एआइ चैटबॉट केवल मानव एजेंटों की ओर से तय किए गए कामों का ही जवाब देते हैं और जब तक स्पष्ट रूप से नहीं कहा जाता तब तक कार्य नहीं करते। जबकि यदि कोई आभासी कमरे में दूध गिरा दे, तो टोंग टोंग यह अनुमान लगाने में सक्षम है कि इसे साफ करने की जरूरत है। वह दूध को साफ करने के लिए फौरन एक कपड़ा भी ढूंढ लेती है। साथ ही वह किसी टेढ़ी तस्वीर को ठीक कर देती है। हालांकि स्पष्ट नहीं है कि टोंग टोंग वास्तव में एक स्वायत्त एजेंट है या नहीं, लेकिन निर्माता मानते हैं कि यह पूर्व एआइ की तुलना में अधिक स्वतंत्र है।
टोंग टोंग के पीछे इनका दिमाग:
टोंग टोंग बनाकर तकनीक और कल्पना की सीमाओं को आगे बढ़ाने वाले बीआइजीएआइ निदेशक झू सोंगशुन 28 साल तक अमरीका में रहे। उन्होंने चीन में बीआइजीएआइ की स्थापना के लिए 2020 में अमरीका में अपनी प्रोफेसरशिप छोड़ दी। उनके अनुसंधान क्षेत्रों में सामान्य एआइ, कम्प्यूटर विजन और स्वायत्त रोबोट शामिल हैं।
Published on:
10 Feb 2024 11:05 am
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