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मां ने सिलाई मशीन पर काम कर सीए बनाया

मां की मेहनत रंग लाई  

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मां ने सिलाई मशीन पर काम कर सीए बनाया

मां ने सिलाई मशीन पर काम कर सीए बनाया

सूरत.

इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंट ऑफ इंडिया ने गुरुवार को सीए फाइनल का परिणाम जारी किया। इस परीक्षा में सूरत के सात विद्यार्थी इंडिया टॉप 50 में स्थान हासिल करने में सफल रहे। डिंडोली के आर्थिक रूप से कमजोर गणेश पाटिल का सीए बनने का सपना पूरा हो गया। उसने बताया कि मां अलका ने सिलाई मशीन पर काम कर उसे पढ़ाया। 12वीं तक गुजराती माध्यम से पढ़ाई की। इसके बाद उसने वीएनएसजीयू के स्वयंपाठी पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया। सीए रवि छावछरिया ने मार्गदर्शन देने के साथ उसे नौकरी भी दी। इससे उसके परिवार को सहारा मिला।

इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंट ऑफ इंडिया की ओर से नवम्बर 2019 में सीए फाइनल (न्यू और ओल्ड कोर्स) की परीक्षा ली गई थी। दोनों परीक्षा का परिणाम गुरुवार शाम वेबसाइट पर जारी किया गया। सीए फाइनल की परीक्षा देने वाले सभी विद्यार्थी कम्प्यूटर पर परिणाम देखने में जुट गए। हर बार की तरह इस बार भी सीए फाइनल में सूरत के विद्यार्थियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इंडिया टॉप 50 में सूरत के सात विद्यार्थियों ने स्थान हासिल किया।