अलवर ज्येष्ठ मास शुक्ल पक्ष में मनाई जाने वाली निर्जला एकादशी बुधवार को मनाई गयी। निर्जला एकादशी व्रत में अन्न व जल का त्याग करना पड़ता है। तेज गर्मी में बिना कुछ खाए-पीए रहना मुश्किल होता है, लेकिन इसके बाद भी श्रद्धालु यह व्रत करते हैं। पंडित यज्ञदत्त शर्मा ने बताया कि इस बार निर्जला एकादशी पर सर्वार्थ सिद्धि योग, रवियोग व कुमार योग, राजयोग का विशेष संयोग बन रहा है। इस योग में व्रत व पूजा करने से मनोरथ की पूर्ति होती है। शास्त्रों के अनुसार इस एकादशी का व्रत करने से सभी एकादशियों का फल प्राप्त हो जाता है। वही शहर में जगह जगह मीठे पानी की प्याऊ लगाई गयी।