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Operation Blue Star: आज ही स्वर्ण मंदिर पर टूट पड़े थे भारतीय सैनिक 

1990 के दशक में पंजाब में अलगाववादी ताकतें हावी हो गई थी। पाकिस्तान से प्राप्त सैन्य सहायता के... 

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Sudha Verma

Jun 04, 2015

golden temple

golden temple

1990 के दशक में पंजाब में अलगाववादी ताकतें हावी हो गई थी। पाकिस्तान से प्राप्त
सैन्य सहायता के दम पर भिंडरावाले के अनुयायियों ने सिखों के सबसे पावन धार्मिक
स्थल हरिमंदिर साहिब परिसर पर पूरी तरह कब्जा कर लिया था। वहीं से सिख आतंकवादियों
ने पूरे राज्य में आतंकवाद का संचालन करने लगे।

पंजाब में भड़की इस
अलगाववादी हिंसा की लपटों को बुझाने के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने
सैन्य कार्यवाही का आदेश दिया। यह कार्यवाही 3 जून 1984 को शुरू की गई। इस ऑपरेशन
को भारतीय सेना ने ऑपरेशन ब्लू स्टार नाम दिया।

आतंकवाद का खात्मा करने के
लिए सेना ने 3 जून को स्वर्ण मंदिर को चारों तरफ से घेर लिया और शाम से कर्फ्यू लगा
दिया। चार जून को सेना ने आतंकियों के खिलाफ गोलीबारी आरंभ की जिसके जवाब में
भिंडरावाले के समर्थकों ने भीषण हमला किया।

सेना ने मंदिर परिसर में मौजूद
युद्ध सामग्री की मात्रा देखते हुए आज ही के दिन 5 जून को बख्तरबंद गाडियों तथा
टैंक बुला कर हमला किया। छह जून तक चली ऑपरेशन ब्लू स्टार में अक ाल तख्त पूरी तरह
से तबाह हो गया। ऎतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सिख पुस्तकालय जल गया। भारत सरकार
द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार 83 सैनिक तथा 493 आम नागरिक व चरमपंथी मारे गए। इस
कार्यवाही में 86 से अधिक नागरिक, 249 सैनिक घायल हो गए जबकि 1592 को गिरफ्तार किया
गया। कार्रवाई से सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंची जिसके नतीजे स्वरूप
प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 31 अक्टूबर 1984 को उन्हीं के सिख सुरक्षाकर्मियों ने
गोली मारकर हत्या कर दी।

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