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रेलवे नहीं चला रहा लंबी दूरी की ट्रेनें, पूरे साल मिलती लंबी वेटिंग

रेलवे बोर्ड जहां राजधानी जयपुर के तीन स्टेशनों को विश्वस्तरीय बनाने में जुटा है वहीं दूसरी ओर यात्रियों को ट्रेनों के लिए कंफर्म सीट के लिए जूझना पड़ रहा है। कारण जयपुर से कई प्रमुख रूट्स पर यात्रीभार ज्यादा होने के बाद भी रेलवे नई ट्रेनें नहीं दौड़ा रहा है। इससे ज्यादातर यात्रियों को ट्रेनों […]

जयपुरJul 03, 2024 / 06:02 pm

Amit Pareek

jaipur

जयपुर जंक्शन

रेलवे बोर्ड जहां राजधानी जयपुर के तीन स्टेशनों को विश्वस्तरीय बनाने में जुटा है वहीं दूसरी ओर यात्रियों को ट्रेनों के लिए कंफर्म सीट के लिए जूझना पड़ रहा है। कारण जयपुर से कई प्रमुख रूट्स पर यात्रीभार ज्यादा होने के बाद भी रेलवे नई ट्रेनें नहीं दौड़ा रहा है। इससे ज्यादातर यात्रियों को ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट ही मिल रही है।
दरअसल, जयपुर जंक्शन राजस्थान का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन है। यहां रोजाना करीब एक लाख लोगों की आवाजाही होती है। इसके बावजूद अभी तक जयपुर से हरिद्वार, सियालदाह, पुरी, वाराणसी, अयोध्या, काठगोदाम जैसे प्रमुख स्थानों के लिए सीधी नई ट्रेन शुरू नहीं हुई। जो ट्रेनें संचालित हो रही हैं, उनकी संख्या काफी कम है। उनमें भी ज्यादातर नियमित की बजाय साप्ताहिक, त्रि-साप्ताहिक व द्वि-साप्ताहिक ट्रेनें हैं। ये ट्रेनें भी दूसरे शहरों से संचालित होकर जयपुर पहुंच रही हैं। इतना ही नहीं जयपुर से चेन्नई, लखनऊ, ओखा, बेंगलूरु, गुवाहाटी, चंडीगढ़, अमृतसर समेत कई अन्य शहरों के लिए भी नाममात्र की ट्रेनें ही दौड़ रही हैं। उनमें ज्यादातर सीटें पहले ही फुल हो जाती है।
हर सीजन में मारा-मारी

प्रमुख रूटों पर ट्रेनें कम होने से त्योहार, पर्यटन सीजन व छुट्टियों में लोगों को सफर के दौरान काफी परेशानी होती है। क्योंकि इन ट्रेनों में वेटिंग 200 पार पहुंच जाती है। दूसरी ओर ज्यादातर ट्रेनों में जनरल कोच भी कम हो गए। ऐसे में कंफर्म टिकट नहीं होने पर यात्रियों को जनरल कोच में भी दिक्कत होती है।
हरिद्वार के लिए कई बार उठी मांग

जयपुर से हरिद्वार के लिए एक ही ट्रेन संचालित हो रही है जबकि दो ट्रेनें त्रि-साप्ताहिक व साप्ताहिक हैं। इस रूट पर नियमित ट्रेन संचालित करने के लिए समाजसेवी संस्थाओं ने कई बार मांग उठाई लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं हो पाया है। जबकि हर दिन इस ट्रेन में लंबी वेटिंग रहती है। तत्काल कोटे में भी कंफर्म टिकट नहीं मिल पाता है।
अप्रूवल के बाद होगी शुरू

उत्तर पश्चिम रेेलवे अधिकारियों का कहना है कि रेलवे बोर्ड को कुछ रूट्स पर नई ट्रेनें शुरू करने के लिए प्रस्ताव भेजा हुआ है। जैसे ही अप्रूवल मिलेगी, शुरू कर देंगे। हालांकि जरूरत के माफिक स्पेशल ट्रेनें संचालित करते रहते हैं।

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