
पेट्रो-केमिकल कॉम्पलेक्स की चार यूनिट का 60 फीसदी से अधिक काम पूरा
प्रदेश में पेट्रोलियम आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए 9 एमएमपीटीए क्षमता की रिफाइनरी के साथ बन रहे पेट्रो-केमिकल कॉम्पलेक्स की चार यूनिट का 60 फीसदी से अधिक काम पूरा हो गया है। एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (एचआरआरएल) ने इस यूनिट्स के काम को पूरा करने के लिए इस साल के अंत तक का लक्ष्य रखा है।
कब कौनसी यूनिट
पेट्रो केमिकल कॉम्पलेक्स एक यूनिट ड्यूअल फीड क्रेकर यूनिट (डीएफसीयू) जून माह में पूरी हो जाएगी तथा शेष तीन यूनिट दिसम्बर माह के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है।
पेट्रो-केमिकल कॉम्पलेक्स के पूरा होने के बाद रिफाइनरी के पेट्रोलियम सह उत्पादों से जुड़े उद्योगों के यहां पर बड़ी संख्या में विकसित होने की उम्मीद है। इन उद्योगों के विकसित होने से यहां पर निवेश के अवसर बढ़ेंगे।
ये बन रही है यूनिट्स-
बालोतरा जिले के पचपदरा के निकट सांभरा व साजियाली गांव में बनने वाली रिफाइनरी देश की पहली ऐसी रिफाइनरी है, जिसमें रिफाइनरी के साथ पेट्रो-केमिकल कॉम्पलेक्स बनाया जा रहा है, अन्य स्थानों पर सिर्फ रिफाइनरी ही है। यहां पर करीब 11 हजार बीघा जमीन में रिफाइनरी की 9 यूनिट्स के साथ 4 यूनिट्स पेट्रोकेमिकल कॉम्पलेक्स की बन रही है। इनमें पॉलीप्रोपलीन यूनिट (पीपीयू) व ब्यूटेन 1, एचडीपीई स्विंग यूनिट, ड्यूअल फीड क्रेकर यूनिट (डीएफसीयू), ये पेट्रो-केमिकल कॉम्पलेक्स के लिए बन रही है।
125 बायो प्रोडक्ट्स
रिफाइनरी से करीब 125 से अधिक प्रकार के सह उत्पाद (बायो प्रोडक्ट्स) निकलेंगे। इनमें मुख्य सह उद्योगों की स्थापना के लिए पॉलीप्रोपाइलीन 1053 केटीपीए, एलएलडीपीई 488 केटीपीए, एचडीपीई 488 केटीपीए, ब्यूटाडीन 150 केटीपीए, बेंजीन 137 केटीपीए और टोल्यूनि 107 केटीपीए सहित पेट्रोकेमिकल उत्पादों की श्रृंखला उपलब्ध होगी।
ये बनेंगे उत्पाद-
पेट्रोकैमिकल डाउनस्ट्रीम लघु उद्योग इंजेक्शन मोल्डिंग से पेट्रोकैमिकल फीडस्टॉक का उपयोग करने के जरिए विकसित होंगे। प्लास्टिक से फर्नीचर , क्रॉकरी, स्टोरेज टैंक, बल्क कंटेनर्स, कंटेनर, पानी के टैंकं, कंटेनरों, सीमेंट बैग, रैपिंग मैटेरियल, एडेसिव टेप, टायर, फार्मास्यूटिकल, डिटरजेंट, परफ्यूम, इंक, नेल पॉलिश, पेंट, थीनर का प्रमुखता से उत्पादन होगा।
Published on:
16 Feb 2024 02:25 pm
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