झुंझुनूं. राजस्थान की विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता राजेन्द्र सिंह राठौड़ ने सवाल उठाया है कि पेपर लीक करने का आरोपी आरपीएससी का गिरफ्तार सदस्य बाबूलाल कटारा हर पंद्रह दिन में मुख्यमंत्री के घर क्यों जाता था? उन्होंने कहा कि कटारा को खुद मुख्यमंत्री के हस्ताक्षर से सदस्य बनाया गया था, ऐसे में यह सवाल उठता है कि आखिर किस की सिफारिश पर उसे सदस्य बनाया गया?
राठौड़ गुरुवार को झुंझुनूं में जन आक्रोश महाघेराव सभा में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि बाबूलाल कटारा साधारण सांख्यिकी अधिकारी था, उसे आरपीएससी RPSC का सदस्य क्यों बनाया गया?
राठौड़ ने कहा कि इस सरकार ने युवाओं के अरमानों को लूटने का कार्य किया है। पीसीसी के चीफ बोलते हैं कि मेरे घर में आरएएस पैदा होते हैं। मैं पूछना चाहता हूं पीसीसी चीफ के परिवार के सदस्यों के लिखित से ज्यादा साक्षात्कार में नंबर क्यों आते हैं, आखिर यह रिश्ता क्या कहलाता है?
सचिन को शक्ति याद आई
राठौड़ ने कहा कि सचिन को खेतड़ी में अपनी शक्ति याद आ गई है, अब वे हनुमानजी की तरह कांग्रेस के कुशासन का दहन करेंगे। बाद में कहा कि सचिन करें या नहीं करें, हमें सभी को मिलकर कांग्रेस शासन का दहन करना होगा। ़
वकील नहीं लगाए
राठौड़ ने कहा कि जयपुर बम ब्लास्ट में निर्दोष लोगों की जान चली गई, लेकिन सरकार ने एजी व श्रेष्ठ वकीलों को पैरवी में नहीं लगाया। जबकि विधायकों के इस्तीफा प्रकरण में जब मैं कोर्ट में गया तो खुद की सरकार बचाने के लिए सीएम ने 20-20 लाख रुपए की फीस में अभिषेक मनु सिंघवी व अन्य वकील लगा दिए। सभा के बाद रैली निकाली गई व कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया गया। रैली को सह प्रभारी विजया राहटकर व प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच ने भी सम्बोधित किया।