कोटा. कोटा मंडल के नागदा-कोटा-सवाई माधोपुर सेक्शन में अनुसंधान अभिकल्प मानक संगठन, लखनऊ (आरडीएसओ) की टीम की ओर सोमवार को अधिकतम 180 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार का ट्रायल किया गया। यह ट्रायल आरडीएसओ के संयुक्त टेस्टिंग निर्देशक राधेश्याम तिवारी के निर्देशन में किया गया। आरडीएसओ, लखनऊ की टीम 6 जुलाई से दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर डबल डेकर कोच की ट्रायल कोटा मंडल में कर रही है। यह परीक्षण 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से शुरू किया गया। फिर प्रत्येक राउंड में 10 किमी प्रति घंटे की स्पीड बढ़ाकर अधिकतम 180 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार तक ट्रायल किया गया। सुबह 11.45 बजे से दोपहर 1.45 बजे तक लबान से चौमहला स्टेशनों के मध्य 180 किमी प्रति घंटा की अधिकतम गति का ट्रायल सफल रहा। लोको का संचालन हाई स्पीड ट्रेंड लोको पायलट विनोद कुमार शर्मा और को-पायलट पी. के.जादौन ने किया। अभी यह ट्रायल खाली कोच का किया गया। इस परीक्षण के बाद इसमें यात्रियों के वजन के बराबर सामग्री लोड कर मंगलवार से पुनः फिर इस तरह ट्रायल किया जाएगा। इससे पूर्व जून माह से लगातार गति परीक्षण किया जा रहा है। जून माह से हॉट बफेट कार (पेंट्री) की दो बार इसी प्रकार 160 किमी प्रतिघंटे रफ्तार से ट्रायल किया गया। इस ट्रायल को ट्रैफिक निरीक्षक अरविंद पाठक एवं लोको निरिक्षक नाहर सिंह ने अनुसंधान अभिकल्प मानक संगठन ,लखनऊ की टीम के साथ कोआर्डिनेट किया।