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जिले मे खुले आंगनबाड़ी केन्द्रों में आने वाले बच्चों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की रियलटाइम हाजिरी अब मोबाइल फोन के जरिए दर्ज होने लगी है। इसके जरिए अब सरकार के पास अब आंगनबाड़ी केन्द्र आने वाले बच्चों तथा कार्यकर्ताओं का वास्तविक डाटा उपलब्ध होगा। इसके आधार पर आंगनबाड़ी के लिए बजट प्लान किया जाएगा।
मोबाइल फोन के जरिए ऑनलाइन हाजिरी दर्ज करने के लिए महिला एंव बाल विकास विभाग की ओर से सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग भी दी जा रही है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को केन्द्र सरकार की पोषण ट्रेकर एप्लीकेशन में हितग्राहियों का आधार नम्बर व अन्य जानकारियां भरनी पड़ती है। जबकि मध्य प्रदेश सरकार की सम्पर्क एप्लीकेशन पर आंगनबाड़ी केन्द्र खुलने का समय, बच्चों को टीका लगने, बच्चे का वजन आदि दर्ज करना होगा। इससे सरकार के पास वास्तविक डाटा उपलब्ध होगा। रियल टाइम मोनेटरिंग होगा। इससे आंगनबाड़ी केन्द्र भी समय से खोले जाएंगे। अब तक आंगनबाड़ी में कार्यकर्ताओं और बच्चों की हाजिरी की जांच विभागीय सुपरवाइजर के जरिए होती है। इसमें खानापूर्ति ही होती है। कभी आंगनबाड़ी केन्द्रों के ताले ही नहीं खुलते तो कभी केवल आधा घंटा खोलकर औपचारिकता निभाई जाती थी।
1.16 करोड़ में खरीदे 1459 मोबाइल फोन
ग्वालियर जिले में पोषण अभियान के तहत1 करोड़ 16 लाख 72 हजार रुपए खर्च कर 1 हजार 459 मोबाइल फोन खरीदकर आंगनबाडी कार्यकर्ताओं को उपलब्ध करवाए गए हैं। जिले में 1 हजार 459 आंगनबाड़ी केन्द्र हैं। इनमें से 597 ग्रामीण क्षेत्र में है।
यह है पोषण योजना
सरकार द्वारा कुपोषण को दूर करने के लिए जीवनचक्र एप्रोच अपनाकर चरणबद्ध ढंग से पोषण अभियान चलाया जा रहा है। भारत सरकार द्वारा 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों एवं गर्भवती एवं धात्री माताओ के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में समयबद्ध तरीके से सुधार हेतु महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय पोषण मिशन का गठन किया गया है। राष्ट्रीय पोषण मिशन अर्न्तगत कुपोषण को चरणबद्ध तरीके से दूर करने के लिए आगामी 3 वर्षो के लिए लक्ष्य निर्धारित किए गए है।
Published on:
15 Jan 2023 06:14 pm
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