
1.25 बजे भयंकर बारिश के बीच भी प्रशासन, पुलिस और कांग्रेस पदाधिकारियों में गतिरोध जारी रहा। इसी दौरान एडीएम आशाराम डूडी के मुख्य द्वार पर ज्ञापन लेने आने पर उन्हें ज्ञापन दिया और इसके साथ करीब दो घंटे चला गतिरोध समाप्त हुआ।

पुलिस प्रशासन की ओर से कलक्ट्रेट का मुय द्वार नहीं खोलने पर कांग्रेसजन धरने पर बैठ गए। इस दौरान महिलाओं ने भजन-कीर्तन किए। वहीं कई लोगों ने लोक गीतों के माध्यम से महंगाई व सरकार की नीतियों पर कटाक्ष किया।

विधायक संयम लोढा और एएसपी के बीच तीखी नोक-झोंक हो गई। जब एएसपी ने कहा कि भीड़ को मुख्य द्वार के अंदर नहीं घुसने देंगे तो जवाब में पूर्व विधायक ने कहा, 'ये मेरे लिए चाय लेकर आते थे और आज सत्ता नहीं है तो वर्दी में रौब झाडऩे आ गए।

सिरोही कलक्ट्री में विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन देने आए कांग्रेसी।

पहले बाहर रोका, फिर गेट में घुसने नहीं दिया पैदल मार्च कलक्ट्रेट पहुंचा तो पुलिस ने जिला परिषद के पास गेट पर लोगों को रोक दिया। काफी देर विरोध-प्रदर्शन के बाद गेट खोला, लेकिन मुख्य प्रवेश द्वार बन्द कर दिया। ऐसे में भीड़ ने भाजपा सरकार सहित जिला प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी शुरू कर दी।

...और कलक्टर ने एडीएम को दे दिया चार्ज सिरोही. कांग्र्रेसजनों ने सभी को कलक्ट्रेट के अंदर जाने देने या कलक्टर को बाहर बुलाकर ज्ञापन देने की मांग रखी। इस दौरान जिला कलक्टर बाबूलाल मीणा खुद चैम्बर में मौजूद थे और बाहर प्रदर्शन हो रहा था। इस बीच, नाटकीय घटनाक्रम के तहत मुख्य सचिव की बैठक में जाने का कहकर कलक्टर ने दोपहर बाद कार्यभार अतिरिक्त जिला कलक्टर आशाराम डूडी को देने का आदेश जारी कर दिया। इसके बाद कांग्रेसजनों को जिला कलक्टर के बाहर होने के सम्बंध में आदेश की कॉपी दिखाई गई। फिर एडीएम ने बतौर कार्यवाहक जिला कलक्टर मौके पर पहुंचकर ज्ञापन लिया।

बारिश में भी डटे रहे प्रदर्शन के दौरान बारिश का दौर शुरू हो गया लेकिन लोग कलक्ट्रेट के गेट पर डटे रहे। हालांकि, प्रशासन ने प्रतिनिधि मंडल को अंदर आकर ज्ञापन देने की बात कही लेकिन लोग गेट खोलने की मांग पर अड़ गए। आखिरकार एडीएम डूडी ने बारिश में गेट पर आकर ज्ञापन लिया। इसके बाद धरना समाप्त कर दिया।