
सौभाग्य सुंदरी तीज
मार्गशीर्ष महीने के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को सौभाग्य सुंदरी तीज कहा जाता है। इसे सौभाग्य सुंदरी व्रत के नाम से भी जाना जाता है। सौभाग्य सुंदरी तीज पर महिलाएं अपने पति के कल्याण और समृद्धि—सुख—शांति के लिए व्रत रखती हैं। इस दिन देवी पार्वती की पूजा की जाती है। पसंदीदा पति और गुणी पुत्र पाने के लिए यह व्रत किया जाता है। इस बार सौभाग्य सुंदरी तीज 30 नवंबर यानि गुरुवार को है।
सौभाग्य सुंदरी तीज पर सूर्योदय के पहले उठकर स्नान किया जाता है। विवाहित महिलाएं अच्छे या नए कपड़े पहनकर 16 श्रृंगार करती हैं। 16 श्रृंगारों में चूड़ियाँ और पायल के साथ मेहंदी लगाती हैं। कुमकुम, रोली, हल्दी, सिन्दूर आदि लगाकर सजती हैं।
इसके बाद भगवान शिव और पार्वतीजी की विधि-विधान से पूजा करती हैं। पार्वतीजी के विग्रह को भी 16 श्रृंगारों से सजाया गया है। भगवान गणेश और नवग्रहों की भी पूजा की जाती है।
सौभाग्य सुंदरी तीज व्रत से मिलता है पसंदीदा पति
सौभाग्य सुंदरी तीज का हरतालिका तीज और करवा चौथ के समान महत्व है। मनपसंद पति और गुणी पुत्र पाने के लिए भी यह व्रत किया जाता है। जिनके विवाह में देरी हो रही हो, ऐसी युवा अविवाहित लड़कियां भी जल्द शादी की कामना लिए यह व्रत रखती हैं। सौभाग्य सुंदरी तीज व्रत मांगलिक दोष भी दूर करता है।
सौभाग्य सुंदरी तीज 2023
तृतीया तिथि— 29 नवंबर अपरान्ह 01:57 बजे से 30 नवंबर अपरान्ह 02:25 बजे
सूर्योदय— 30 नवंबर सुबह 6:54 बजे
सूर्यास्त— 30 नवंबर शाम 5:36 बजे
Updated on:
29 Nov 2023 12:54 pm
Published on:
29 Nov 2023 12:45 pm
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