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नील गाय का बच्चा अठखेलियां करते करते पहुंचा गहरे पानी में, लोगों ने निकाला

जोधपुर. गर्मी से सभी परेशान हैं। आम इन्सान ही नहीं, पशु पक्षियों का भी बुरा हाल है। जिले के मंडोर क्षेत्र ( mandore area ) के पूंजला नाडी में पानी देख नील गाय के एक प्यासे बच्चे ( blue cow kid ) ने पानी में कूद कर अठखेलियां कीं,लेकिन वह बाहर नहीं निकल सका। कुछ समाजसेवकों ने रस्सी डाल कर उसे बाहर निकाला ( Saved animal )।      

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जोधपुर

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MI Zahir

Jul 06, 2019

Resued animal blue cow kid from water body 

Saved animal blue cow kid from water body

जोधपुर. गर्मी से सभी का हाल बेहाल है। इस वजह से आम इन्सान ही नहीं, पशु पक्षी भी बहुत परेशान हैं। जिले के मंडोर क्षेत्र ( mandore area ) के पूंजला नाडी में अच्छा खासा पानी है। वहां पानी देख कर गर्मी से सभी परेशान नील गाय का एक प्यासा बच्चा ( Blue cow kid ) पानी में कूद गया। उसने पानी में अठखेलियां कीं और वह काफी देर तक उसमें खेलता रहा, मगर जब उसने बाहर निकलने की कोशिश की तो वह बाहर नहीं सका। कुछ समाजसेवकों ने रस्सी डाल कर उसे बाहर निकाला। इस पर नील गाय के बच्चे ने राहत की सांस ली।

अठखेलियां करने लगा

ध्यान रहे कि राजस्थान पत्रिका की ओर से अमृतम जलम कार्यक्रम के तहत पिछले 45 दिनों से यहां नाड़ी परिसर में श्रमदान कार्यक्रम चल रहा है। इसी नाड़ी परिसर में पानी देख कर नील गाय का बच्चा ( blue bull kid ) पानी में कूद गया था और अठखेलियां करने लगा था और अठखेलियां करते-करते हुए वह नाड़ी के बीच गहराई तक पहुंच गया। इस वजह से उसकी जान को खतरा हो गया। ये हालात देख वहां पर मौजूद सैनिक क्षत्रिय पूंजला नाड़ी विकास समिति के सदस्यों ने तुरंत रस्सा फेंक कर उसे सुरक्षित बाहर निकाला और उसकी जान बचाई।

मूक पशु तेज गर्मी बर्दाश्त नहीं कर पा रहे

इन दिनों पड़ रही तेज गर्मी और उमस आम आदमी की सहनशीनलता से बाहर हो गई है। आम आदमी तो छाया, ठंडा पानी, अन्य शीतल पेय, आइसक्रीम और पंखे, कूलर व एसी के माध्यम से गर्मी से बचाव के जतन कर लेता है, मगर मूक पशु तो अपनी यह हालत किसी से बयान भी नहीं कर पाते। एेसे में उन्हें जहां कहीं भी छाया या ठंडा पानी मिलता है, वे उसी ओर रुख कर लेते हैं। इन्सान की तरह उनमें बुद्धि नहीं होती, इसलिए वे खतरा नहीं भांप पाते और बस राहत पाने के जतन ही करते रहते हैं। पशु चिकित्सकों का कहना है कि गर्मी के इस मौसम में मूक पशुओं का ख्याल रखा जाना चाहिए। यह देखना चाहिए कि कहीं कोई पशु पक्षी भूखा या बीमार तो नहीं है।


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