पुष्कर और अजमेर टूरिज्म के हब हैं। यहां प्रतिवर्ष 1.50 करोड़ से ज्यादा टूरिस्ट आते हैं। अजमेर में सोनीजी की नसियां, ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती, नारेली तीर्थ, पुष्कर में प्रजापिता ब्रह्मा मंदिर, पुष्कर सरोवर, सावित्री मंदिर सहित रेतीले धोरे हैं। भारत आने वाले विदेशी पर्यटक खास तौर पर पुष्कर आते हैं। उन्हें यहां की सनातन संस्कृति लुभाती है। कई विदेशी तो भाषा और सनातन संस्कृति से जुड़े संस्कार सीखने पुष्कर आते हैं। इजरायल के पर्यटकों का पूजा स्थल बेथखबाद भी यहीं है। पुष्कर और अजमेर में जर्मनी, इटली, फ्रांस, इंग्लैंड, रूस, इजरायल, जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, स्वीडन सहित अन्य देशों से पर्यटक आते हैं।