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बीटेक के बाद चुनी सिविल सेवा, नवाचारों से मिली पहचान

locationजयपुरPublished: Dec 30, 2023 03:42:25 pm

Submitted by:

Jaya Sharma

आधी आबादी की सोच को अखबार में उतारने के लिए राजस्थान पत्रिका की पहल संडे वुमन गेस्ट एडिटर के तहत आज की गेस्ट एडिटर शालिनी अग्रवाल हैं। आप गुजरात कैडर की 2005 बैच की आइएएस अधिकारी हैं। मूलत: जयपुर निवासी शालिनी वर्तमान में सूरत महानगरपालिका आयुक्त पद पर कार्यरत हैं। आप नवाचार के लिए जानी जाती हैं। आपको राष्ट्रपति ने सूरत के लिए स्मार्ट सिटी पुरस्कार से सम्मानित किया है।

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शालिनी अग्रवाल, संडे गेस्ट एडिटर
जयपुर. हम नॉलेज, स्किल, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन की सदी में जी रहे हैं। भारत में ऊंचे राजनीतिक पद से लेकर सुरक्षा के क्षेत्र तक महिलाएं नाम कमा रही हैं। इस समय देश में आगे बढ़ने के अपार मौके हैं। पापा शिव कुमार और मम्मी माया अग्रवाल की प्रेरणा से ही मैं आईएएस बन पाई हूं। पापा आईएएस अधिकारी रहे हैं, उन्होंने पढ़ाई औरसह शैक्षणिक गतिविधियों पर पूरा ध्यान दिया। कोटा से बीटेक करने के बाद सिविल सर्विस चुनी।
सूरत म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन मुंबई की तरह ही अर्बन लोकल गवर्नमेंट की तर्ज पर काम करता है। जहां शहरी विकास से जुड़े काम एक ही बॉडी करती है। इससे सभी बोर्ड्स में सामंजस्य बना रहता है। आने वाले समय में भारत के शहर आर्थिक ग्रोथ के इंजन होंगे। इसलिए हम सूरत शहर में वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यावरण से संबंधित कार्य करवा रहे हैं। सतत विकास पर भी फोकस कर रहे हैं। भारत में अभी आर्थिक ग्रोथ का समय चल रहा है, ये बिल्कुल सही समय हैं अपनी क्षमताओं को पहचानने का और समय के साथ आगे बढ़ने का। हर महिला को खुद पर प्राउड होना चाहिए, ईश्वर ने जन्म देने का अधिकार महिलाओं को दिया है। जब महिलाओं को खुद पर प्राउड होगा, तभी वे आगे बढ़ पाएंगी।
कड़ी मेहनत से रेत के टीलों को बदला सघन वन में

जमवारामगढ़. महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपने को साकार करने के साथ पर्यावरण सुधार और महिला उत्थान के लिए विद्यार्थी जीवन से ही समाज सेविका कुसुम लता जैन कार्य कर रही हैं। बंजर भूमि विकास कार्यक्रम के तहत 1991 में राज्य सरकार ने ग्राम भारती समिति को जमवारामगढ़ के टोडालडी गांव में 25 हैक्टेयर यानी सौ बीघा से अधिक जमीन आवंटित की थी। विगत 32 वर्षों में रेत के टीलों को ग्राम भारती समिति की सचिव कुसुम लता जैन ने कड़ी मेहनत और लगन से सघन वन में तब्दील कर दिया है। ग्राम भारती समिति ने इस वन को 'गांधीवनÓ का नाम दिया है। गांधी वन में एक लाख से अधिक पौधे लगाए गए। समाजसेवी एसएन सुब्बराव ने गांधी जी की प्रतिमा का अनावरण किया था। गांधीवन में पर्यावरण सुधार व सरंक्षण विषय पर सेमिनार कार्यशाला और विचार गोष्ठियां होती रहती हैं।
jamwa.jpgदुनियाभर से आते हैं पर्यावरण विशेषज्ञ
यहां अध्ययन करने देश व दुनिया से पर्यावरण विशेषज्ञ आते हैं। पर्यावरण सुधार का कार्य करने के लिए क्षेत्र की महिलाओं को पर्यावरण से जोड़ा और उनकी मूलभूत समस्याओं को ध्यान में रखकर उन्हें स्वावलम्बी बनाया। पर्यावरण सरंक्षण, संवर्धन के लिए लगातार अनूठा कार्य करने पर पर्यावरण प्रेमी कुसुम लता जैन को वर्ष 2000 में भारत सरकार ने इंदिरा प्रियदर्शनी वृक्षमित्र पुरस्कार से सम्मानित किया था। वर्ष 2001 में स्विट्जरलैंड में वर्ल्ड वुमन समिट में महिला रचनात्मकता पुरस्कार मिला। वर्ष 2006 में वर्षा जल सरंक्षण को लेकर संभागीय आयुक्त जयपुर ने 'जल मित्र पुरस्कारÓ प्रदान किया। जैन को महिला शक्ति के उत्थान के लिए जानकी देवी बजाज पुरस्कार तथा 2019 में राजस्थान सरकार ने 'महिला शक्तिÓ पुरस्कार से सम्मानित किया है।
महिलाओं को रोजगार के साधन उपलब्ध करवाए
जयपुर. वर्ष 2019 में मिसेज इंडिया का खिताब जीतने वालीं श्वेता मेहता मोदी आधी आबादी को आगे लाने के पिछले कई वर्षों से प्रयासरत हैं। श्वेता देश की 100 प्रभावशाली महिलाओं की सूची में शामिल रह चुकी हैं। उनके ऑफिस में 50 फीसदी फीमेल स्टाफ काम करता है। जयपुर सहित अन्य शहरों में 150 महिला स्टाफ कार्यरत है। उन्होंने कोरोना के बाद फसीनो नाम का एक ग्रुप बनाया। वहीं घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं की मदद के लिए कदम बढ़ाए।
jaipur.jpegलोग आपकी बात अच्छे से सुनते हैं
जब आपके पास कोई मेडल होता है तो लोग आपकी बात बेहतर तरीके से सुनते हैं। मिसेज इंडिया के बाद मुझे भी बेहतर तरीके से सुनते हैं। 5000 से अधिक बच्चियों को स्किल डवलपमेंट की ट्रेनिंग दी। 100 से अधिक महिलाओं को बुटीक व सैलून खोले। प्रतिमाह प्रॉफिट का पांच फीसदी अनाथ बच्चियों के लिए दान करती हूं।

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