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एमआइए पहुंची टीमें, जांच में 30 में से सिर्फ 3 कंपनियों के पास मिली फायर एनओसी

मत्स्य औद्योगिक क्षेत्र (एमआइए) में उद्योगों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राजस्थान पत्रिका में खबर प्रकाशित होने के बाद रीको अधिकारियों की कुंभकर्णी नींद टूटी। विभाग ने चार टीमों का गठन कर एमआइए में चल रही औद्योगिक यूनिट्स की जांच की।

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अलवर

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Umesh Sharma

Feb 19, 2026

अलवर. मत्स्य औद्योगिक क्षेत्र (एमआइए) में उद्योगों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राजस्थान पत्रिका में खबर प्रकाशित होने के बाद रीको अधिकारियों की कुंभकर्णी नींद टूटी। विभाग ने चार टीमों का गठन कर एमआइए में चल रही औद्योगिक यूनिट्स की जांच की। इसमें केमिकल की 30 यूनिट में 3 के पास ही फायर एनओसी मिली है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि रीको अधिकारी काम के प्रति कितने सजग हैं।
चाराें टीमों ने करीब 100 कंपनियों की जांच की। इनमें ज्यादातर के पास फायर एनओसी नहीं मिली है। यही नहीं सुरक्षा को लेकर भी ज्यादातर उद्योग मानकों को पूरा नहीं कर रहे हैं। राजस्थान पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अधिकारी भी नींद में हैं। वे भी यहां जांच नहीं कर रहे, जबकि ज्यादातर फैक्ट्रियां प्रदूषण फैला रही हैं। गौरतलब है कि खुशखेड़ा में अग्निकांड की घटना के बाद विभाग की नींद टूटी है। एमआइए में बड़ी संख्या में केमिकल व ज्वलनशील पदार्थों से जुड़ी इकाइयां संचालित हो रही हैं।
फिर कंपनियों का संचालन कैसे हो रहा है?
एमआइए की ज्यादातर कंपनियों के पास फायर एनओसी नहीं है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब कंपनियों के पास फायर एनओसी ही नहीं है, तो उनका संचालन किस आधार पर किया जा रहा था? फायर एनओसी एक्सपायर होने के बाद इन यूनिट्स को नोटिस देकर इतिश्री कर ली जाती है, जबकि समय-समय पर इनकी जांच होनी चाहिए। फायर फाइटिंग सिस्टम भी जांचना चाहिए कि वह काम कर रहा है या नहीं।
यूनिट्स में मिली ये कमियां
-अग्निशमन यंत्र एक्सपायरी डेट पार
-हाइड्रेंट सिस्टम में पानी का दबाव नहीं
-इमरजेंसी एग्जिट पर सामान का कब्जा
-अलार्म सिस्टम निष्क्रिय
-कर्मचारियों को मॉक ड्रिल का प्रशिक्षण नहीं