
श्रीनगर। दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले में आतंकियों ने सैन्य कैंप पर हमला कर दिया। आतंकियों की अंधाधुंध गोलीबारी का जवानों ने भी करारा जवाब दिया। इसके बाद आतंकी मौके से भाग निकले। हालांकि इसमें किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं है। घटना के बाद पूरे इलाके में सर्च आपरेशन चलाया गया। जिले के बोनूरा इलाके में 55 राष्ट्रीय राइफल्स के कैंप को आतंकियों ने निशाना बनाया। जवाबी कार्रवाई के बाद आतंकी अंधेरे का फायदा उठाते हुए भाग निकले। हमले के बाद अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। दक्षिणी कश्मीर के त्राल के पनीर त्राल गांव में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना पर कासो चलाया गया। हालांकि, आतंकियों का सुराग न मिलने पर आपरेशन स्थगित कर दिया गया। कुलगाम जिले के खुरबतपोरा में भी सर्च आपरेशन चलाया गया।
इससे पहले दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले में सुरक्षाबलों ने शनिवार को हिजबुल मुजाहिदीन के दो स्थानीय आतंकियों को मार गिराया। मारे गए आतंकियों से हथियार भी बरामद किए गए हैं। मुठभेड़ शुरू होते ही इलाके में मोबाइल इंटरनेट सेवा ठप कर दी गई थी।
सुरक्षाबलों को शनिवार तड़के जिले के टिकन इलाके में आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली। इसके आधार पर सेना की 55 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर), 180/183 बटालियन सीआरपीएफ और जम्मू कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) के जवानों द्वारा इलाके की घेराबंदी कर साझा तलाशी अभियान चलाया गया। घेरा सख्त होता देख इलाके में छिपे आतंकियों ने सर्च पार्टी पर फायरिंग की जिसका जवाब जवानों ने भी दिया। इससे मुठभेड़ शुरू हो गई। इसमें दो आतंकियों को मार गिराने में सफलता हाथ लगी। पुलिस ने बताया कि मारे गए आतंकियों की शिनाख्त पुलवामा के बिलो डारगुंड के लियाकत मुनीर वानी और पुलवामा बाबहार के वाजिद-उल-इस्लाम के तौर पर हुई है। दोनों आतंकी हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े थे। दोनों सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर हमलों के अलावा स्थानीय लोगों पर अत्याचार जैसी कई घटनाओं में शामिल थे। पुलिस के अनुसार वह कई आतंकी घटनाओं को भी अंजाम दे चुके थे और उनके खिलाफ मामले भी दर्ज थे।