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रैन बसेरा में निराश्रितों के लिए कम पड़ रहे बिस्तर, वाटर कूलर खराब, पेट्रोल पंप से लाकर पी रहे पानी

हर रोज 30 से 40 लोग पहुंच रहे, 60 बेड बढ़ाने का प्रस्ताव अटका

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शहडोल. ठंड बढ़ते ही आश्रय स्थल का सहारा लेने लोग पहुंचने लगे हैं, नगरपालिका की तरफ से भी हर रोज शहर के सार्वजनिक स्थानों में वाहन भेजकर निराश्रितों को रैन बसेरा पहुंचाया जा रहा है। जय स्तंभ स्थित रैन बसेरा में रुकने वालों की संख्या बढऩे के कारण यहां बिस्तरों की कमी होने लगी है, इसके साथ ही शुद्ध पेयजल के लिए भी लोगों समस्या का सामना करना पड़ रहा है। पत्रिका टीम ने आश्रय स्थल पहुंची तो पता लगा कि 26 बिस्तर वाले इस आश्रय स्थल में क्षमता से अधिक 30-40 लोग पहुंच रहे हैं। निराश्रितों के अलावा यहां दूर दराज के ग्रामीण इलाकों से ट्रेनिंग के लिए आने वाले लोग भी सहारा ले रहे हैं। वर्तमान में यहां क्षमता से अधिक लोगों को सुविधा प्रदान की जा रही है। नगरपालिका की तरफ से भी हर रोज शाम को रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, जिला चिकित्सालय के अलावा चौक चौराहों पर वाहन भेजकर निराश्रितों को आश्रय स्थल पहुंचाने का काम किया जा रहा है।

60 बिस्तर बढ़ाने भेजा प्रपोजल
नगरापालिका अधिकारी ने बताया किया ठंड के दिनों में रुकने वालों की संख्या बढ़ जाती है। इसके लिए अतिरिक्त बिस्तर की व्यवस्था कराई जाती है। फरवरी में 60 बिस्तरीय रैन बसेरा के लिए प्रपोजल भेजा गया था, लेकिन अभी तक शासन स्तर से इस पर कोई आदेश नहीं प्राप्त हुआ है। वर्तमान में 30-40 लोग आश्रय स्थल पहुंच रहे हैं, केयर टेकर के माध्यम से इनकी व्यवस्था बनाई जाती है। बेड के अलावा अतिरिक्त बिस्तर रखवाए गए हैं।

दूसरे जगहों से लाते हैं पीने का पानी
आश्रय स्थल पर रुके हुए श्यामसुंदर राठौर निवासी ब्यौहारी ने बताया कि रुकने की सुविधा तो ठीक है लेकिन पीने के पानी के लिए समस्या होती है। वाटर कूलर खराब होने के कारण पेट्रोल पंप से पीने का पानी लाना पड़ता है। रामकृष्ण राठौर ने बताया कि सुविधाघर के कुछ दरवाजे खराब हैं, जिसके कारण सुबह भीड़ होने के कारण समस्या होती है।

इनका कहना है
रैन बसेरा में वाटर कूलर का एक नया सेटअप लगाने की तैयारी की जा रही है। मैंने कुछ दिन पहले वहां जाकर निरीक्षण किया है। निराश्रितों को अच्छी सुविधा मिल सके इसके लिए व्यवस्था बनाई जा रही है।
अक्षत बुंदेला, सीएमओ नगरपालिका