
महामारी: किताबें जो देंगी बच्चों को कोविड-१९, सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क के बारे में पूरी जानकारी
लॉॅकडाउन और सार्वजनिक रूप से बाहर निकलने पर अक्सर अभिभावकों को बच्चों को मास्क लगाने, चीजों को अनावश्यक रूप से न छूने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए जद्दोजहद करते देखा जा सकता है। दरअसल अधिकतर बच्चों को लंबे समय तक मास्क पहनना, बार-बार हाथ धोना और दोस्तों से मिलने बाहर न जा पाना पसंद नहीं आ रहा है। यह उन्हें स्वभाव से चिड़चिड़ा भी बना रहा है। महामारी के दौैरान हाल ही कुछ ऐसी किताबें प्रकाशित हुई हैं जो आपके बच्च्चों के इन सभी सवालों के आसान जवाब दे सकता है।
01. लूसीज़ मास्क: लीज़ा सिरकिस थॉम्पसन की लिखी इस किताब में लूसी नाम की किशोरी कोरोना के चलते जिंदगी में आए बदलाव से सहमी हुई है। उसे बस यह समझने की जरुरत है कि इस वक्त मास्क पहनाा क्यों जरूरी है। उसकी मां उसे एक स्पेशल मास्क सिलकर देती है और उसे समझाती हैं कि बाकी सुपरहीरोज के मास्क की तरह वह भी मुंह व नाक को ढककर लोगों की जान बचा रही है।
02. द डे द लाइंस चेंज्ड: कैली डॉनर की लिखी इस किताब में उन्होंने कहीं भी 'महामारी' शब्द का इस्तेमाल किए बिना एक महीन लाइन के इर्द-गिर्द कहानी बुनी है जब एक सुबह जगने पर हम सब की जिंदगी बदल जाती है। लेकिन जब तक हम इस सुरक्षा रेखा की पालना करते रहेंगे जिंदगी में खुशियों के आसमान पर उम्मीद का सूरज चमकता रहेगा।
03. रॉन एंड रॉना फाइट द कोरोना: ऐलाना रोज़ेनबर्ग, अमित मिज़राही और रॉन स्टारिंस्की की लिखी इस किताब में तेल अवीव के इन लेखकों ने संगीतमयी चित्रकथा के माध्यम से दो सगे भाई-बहनों रॉन एंड रॉना के जरिए दिखाया है कि कैसे उनके पिता के कोरोना संक्रमित हो जाने के बाद उनकी जिंदगी बदल जाती है। बड़ी होने के नाते रॉना रॉन के कोरोना से जुड़े सभी जरूरी सवालों के जवाब देकर उसकी चिंता को दूर करती है।
04. अ लिटिल स्पॉट स्टेज़ होम: लेखक और चित्रकार डायने अल्बर की इस किताब में एक पीले स्पॉट के ज़रिये कोरोना से लड़ाई दिखाई है की कैसे यह छोटा स्पॉट घर रहकर कोरोना को हराने में मदद करता है। सपनों में पीले स्पॉट के जरिए महामारी का संकेत देते हुए लोगों के प्रति दयालुता, चिंता, महामारी को हरा देने का आत्मविश्वास और आंतरिक शांति से जूझने का साहस देते हैं। उनकी लिटिल स्पोट लर्न ऑनलाइन और ए लिटिल स्पोट वियर्स ए मास्क भी उपलब्ध हैं।
05. व्हाट इज़ सोशल डिस्टेंसिंग: लिंडसे कॉकर लकी की लिखी इस किताब में कोरोना से जुड़े एक्टिविटी पेज भी दिए गए हैं। किताब में सोशल डिस्टेंसिंग के महत्त्व और वास्तविक अर्थ के बारे में बच्चों से सीधे संवाद किया गया है। किताब प्राइमरी कच्चा के बच्चों के लिए उपयोगी है क्योंकि उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग के बारे में समझा पाना आसान नहीं है। किताब में रंगीन चित्रों के जरिए वायरस के एक-दूसरे तक फैलने को भी दर्शाया गया है।
06. पॉला एंड द पैन्डेमिक: डोरोथिया लॉरेंस की लिखी इस किताब में बच्चों को धैर्र्य रखने के बारे ममें समझाया है। स्कूल बंद होने ओर संक्रमण से बचने के लिए बच्चों को घर में कैद कर दिया गया है। लेकिन इस नाजुक समय में बच्चे अपनी भावनाओं पर कैसे काबू करें यह किताब में भली भांति संझाया गया है। किताब में सूरजमुखी के फूल के जरिए हाई स्कूल तक के बच्चों को सही समय का इंतजार करना सिखाया गया है।
07. मास्क्ड निंजा: वायरस और नस्लवाद के विरुद्ध मैरी निन की यह किताब एक सशक्त अभिव्यक्ति है जो बच्चों को केन्द्र में रखकर लिखी गई है। किताब भाईचारे, दया और प्रेम की चर्चा करती है। मास्क्ड निंजा दरअसल, अपने साथसी निंजा दोस्तों को यह समझाता है कि कोरोना से लडऩे के लिए उन्हें मास्क को हथियार के रूप में प्रयोग करना चाहिए और नियमित अंतराल पर अपने हाथों को कम से कम 20 सेकंड्स तक धोना चाहिए। इतना ही नहीं अपने जैसे अन्य निंजा (संक्रमित लोगों को) वायरस के प्रसार के लिए दोष मत दो।
Published on:
04 Sept 2020 05:34 pm
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