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मां की मौत से टूटा मासूम, सिर्फ उसकी मां ही तो थी जो ये जानती थी कि उससे भूख बिल्कुल बर्दाश्त नहीं

रिहान कहता है कि जिस दुनिया में उसकी मां गई है वहां कोई भूखा नहीं मरता। सिर्फ उसकी मां ही तो थी जो ये जानती थी कि उससे भूख बिल्कुल बर्दाशत नहीं होती...

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Rahul Mishra

Jul 14, 2017

This boy attempted to die a few months ago, He wan

This boy attempted to die a few months ago, He wanted to go to his mother

मां, जिसके बिना हर कोई अधूरा है, बच्चा जब पैदा होता है, आखें भी नहीं खोलता है, तब से लेकर जिंदगी की अंतिम सांस तक केवल मां ही होती है जो बच्चे को पूरी तरह समझ सकती है। माँ का पेट तब ही भरता है जब उसके बच्चे खाना खा चुके होते हैं, माँ की ममता में वो मिठास होती है कि उसकी ममता के छाव में रहने को तो ईश्वर भी लालायित हो जाते है। बेशक समय कितना ही बदल जाए पर हमारे देश के संस्कार ही ऐसे है कि माँ का प्यार ना कभी बदला है ना कभी बदलेगा। इस बात को आज के मासूम बच्चे भी समझते हैं। आप जरा सोच कर देखिये कि जिन बच्चों के मां-बाप नहीं होते, उन बच्चों का जीवन कैसा होता होगा? क्या उन्हें दो वक्त की रोटी भी नसीब होती होगी?

बिन मां-बाप के बच्चे भूख से तड़पते दिन भर खाने की तलाश में घूमते हैं, लेकिन जेब खाली होने के कारण उनका पेट भी खाली रहता है। तब इनके मन में शायद ये ख्याल आता है कि भूख से मरने से अच्छा तो ट्रेन के नीचे कटकर मरना ज्यादा अच्छा है। लेकिन मौत का खौफ मरने की हिम्मत भी नहीं देता। ये शब्द उस बच्चे के हैं जो आज बिना मां-बाप के ज़िंदगी जी रहा है। वो इस दुनिया से चला जाना चाहता है क्योंकि उसे लगता है कि जिस दुनिया में उसकी मां गई है वहां कोई भूखा नहीं रहता। इस बच्चे की तरह ना जाने कितने और भी बच्चे जिनके मां-बाप का साया छिन जाने के बाद भूख से तड़पते हुए दिन गुजार देते हैं। हम भी इनकी जिंदगी मुश्किल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते हैं। हमारी घृणा भरी नजरें इनको और भी ये अहसास दिलाती है कि ये इस दुनिया के लिए बने ही नहीं है।

12 साल के रिहान की इस मार्मिक कहानी को GMB Akash ने फेसबुक वॉल पर शेयर किया है। रिहान की आवाज़ बन कर आकाश ने लिखा है कि रिहान अपनी मां की मौत के बाद भूख और प्यार की तलाश में दर-दर भटकने को मजबूर है। उसने भी मर कर अपनी मां के पास दूसरी दुनिया में जाने का फैसला कर लिया।

रिहान कहता है कि जिस दुनिया में उसकी मां गई है वहां कोई भूखा नहीं मरता। सिर्फ उसकी मां ही तो थी जो ये जानती थी कि उससे भूख बिल्कुल बर्दाशत नहीं होती।

आकाश ने रिहान के हवाले से लिखा है कि एक बार दो दिन तक रिहान को भूखा भटकने के बाद भूख बर्दास्त नहीं हुई तो उसने अपनी ज़िंदगी समाप्त कर अपनी मां के पास उस दुनिया में जाने का फैसला कर लिया और जाकर एक रेलवे ट्रैक पर लेट गया। लेकिन एक आदमी ने उसे बचा लिया। जब उससे पूछा कि वो क्यों मरना चाहता है तो उसकी भूख की तड़प आंसू बनकर बहने लगी। रिहान जब रेलवे ट्रैक पर था तब उस शख्स ने उसकी एक तस्वीर भी खींची, उसे इस बच्चे में कुछ दर्द नजर आया।
रिहान कहता है कि उन्होंने मुझे पुलिस स्टेशन नहीं भेजा, बल्कि मुझे खाना खिलाया, और कहा कि मैं बहुत अच्छा लड़का हूं। उन्होंने मुझसे कहा कि ज़िंदगी में कुछ ऐसा करो जिसपर मेरी मां को गर्व हो।
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