
नैनवां थाना
नैनवां. जिले में सबसे ज्यादा संवेदनशील माने जाने वाले नैनवां थाने में स्टाफ की कमी बनी हुई है। थाने में प्रतिवर्ष औसतन पौने पांच सौ मुकदमे दर्ज होते है।
नैनवां शहर सहित 55 गांवों की कानून व्यवस्था देखने वाले थाने में सीआई सहित उसके नीचे के अधिकारियों के तीन चौथाई से ज्यादा पद रिक्त पड़े है। थाने में औसतन प्रति वर्ष पौने पांच सौ मुकदमे दर्ज होते आए है। अधिकारियों की कमी से मुकदमों का भार अधिक होने से समय पर तफ्तीश नहीं हो पाने से मुकदमों के निस्तारण में विलंब होता है। सीआई स्तर का थाना होने के बाद भी दो वर्ष से सीआई का पद रिक्त होने से एसआई स्तर के अधिकारी के थानाधिकारी पदभार है। थाने में दोनों पुलिस चौकियों सहित एसआई के तीन, एएसआई के 13, हेडकांस्टेबल के 9 व कांस्टेबल के 39 पद स्वीकृत है। एसआई के तीन में से दो पद भी दो वर्ष से रिक्त पड़े हुए है। सबसे ज्यादा कमी एएसआई की है। एएसआई 13 पदों में से दो पद ही भरे हुए है जबकि 11 पद रिक्त पड़े है।हेडकांस्टेबल के 9 पदों में चार पद रिक्त पड़े है।कांस्टेबलों के 39 पदों में से 13 पद रिक्त पड़े है।
पुलिस चौकियां में भी स्टाफ का अभाव
थाना क्षेत्र में नैनवां शहर व दुगारी में दो पुलिस चौकियां स्थापित है। नैनवां शहर की पुलिस चौकी में एक एसआई, दो हेडकांस्टेबल व 6 कांस्टेबलों के पद स्वीकृत है। स्टाफ की कमी के चलते शहर की पुलिस चौकी में एक हेडकांस्टेबल व एक कांस्टेबल ही नियुक्त है। दुगारी की पुलिस चौकी में एक एएसआई, एक कांस्टेबल व दो कांस्टेबल के पद स्वीकृत है। जबकि इस चौकी में एक हेडकांस्टेबल व एक कांस्टेबल ही नियुक्त है।
थानाधिकारी का कहना
नैनवां थानाधिकारी महेंद्रकुमार यादव ने बताया कि थाने में स्टाफ की कमी बनी हुई है। सबसे ज्यादा कमी तो एएसआई स्तर के अधिकारियों की बनी हुई है। थाने में नैनवां शहर सहित 55 गांव लगते है। प्रति वर्ष औसतन पौने पांच सौ मुकदमे दर्ज होते है।
Published on:
21 Jun 2024 06:33 pm
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