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मासूमों पर मौसम का कहर, छह सालों में 4.3 करोड़ हुए विस्थापित

बाढ़, सूखा, तूफान और जंगल की आग संबंधी मौसमी आपदाओं के कारण 2016-2021 तक दुनिया के 44 देशों में 4.3 करोड़ बच्चे आंतरिक रूप से विस्थापित हुए यानी रोजाना लगभग 20 हजार मासूमों को यह पीड़ा झेलनी पड़ी।

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जयपुर

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Kiran Kaur

Oct 07, 2023

न्यूयॉर्क। चरम मौसम की घटनाएं अपने साथ कई तरह की चुनौतियां लेकर आती हैं, इनमें विस्थापन भी एक है। संयुक्त राष्ट्र की हालिया रिपोर्ट के अनुसार बाढ़, सूखा, तूफान और जंगल की आग संबंधी मौसमी आपदाओं के कारण 2016-2021 तक दुनिया के 44 देशों में 4.3 करोड़ बच्चे आंतरिक रूप से विस्थापित हुए यानी रोजाना लगभग 20 हजार मासूमों को यह पीड़ा झेलनी पड़ी। इनमें 95 फीसदी विस्थापन बाढ़ और तूफान से हुए। जबकि सूखे के कारण 13 लाख और लगभग आठ लाख बच्चे जंगल की आग से अपने ही देश के भीतर विस्थापित हुए, खासतौर से कनाडा, इजरायल और अमरीका में।

बाढ़ से विस्थापन का हॉट स्पॉट दक्षिणी और पूर्व एशिया में:

बाढ़ के कारण विस्थापन का हॉट स्पॉट दक्षिणी और पूर्वी एशिया में स्थित है। फिलीपींस, भारत और चीन ऐसे देश हैं, जहां उनकी विशाल आबादी और भौगोलिक स्थिति के कारण सबसे अधिक संख्या में विस्थापन (2.3 करोड़) हुए हैं। दक्षिण सूडान और सोमालिया में बच्चों की कुल आबादी के आकार की तुलना में बाढ़ के कारण सबसे ज्यादा तादाद में विस्थापन हुए। यह दक्षिण सूडान में लगभग 12 प्रतिशत और सोमालिया में 11 प्रतिशत के बराबर है। उच्च आंकड़े होने के अलावा दक्षिण सूडान और सोमालिया में दर्ज किए गए विस्थापनों में चीन, भारत और फिलीपींस जैसे अन्य देशों की तुलना में आपदा से पूर्व किसी सुरक्षित स्थान पर जाने की संभावना कम ही है।

शिक्षा और जरूरी टीकों से वंचित होना पड़ रहा:

विस्थापन किसी भी उम्र के लिए भयावह और दर्दनाक होता है। लेकिन इसके परिणाम उन बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक होते हैं, जो पलायन के कारण अपनी शिक्षा, जीवन रक्षक टीकों और सामाजिक नेटवर्क से वंचित हो जाते हैं। विस्थापन की यह पीड़ा बच्चों के लिए माता-पिता से अलगाव और तस्करी के शिकार होने के खतरे से भी जुड़ी है। यह आंकड़ा विस्थापन की संख्या दर्शाता है न कि प्रभावित बच्चों की संख्या को। ऐसा इसलिए क्योंकि एक ही बच्चे को एक से अधिक बार विस्थापित किया जा सकता है।

तीन दशकों में खतरा और बढ़ने की आशंका: रिपोर्ट के अनुसार नदी की बाढ़ भविष्य में सबसे बड़ा खतरा बनेगी और अगले 30 सालों में लगभग 9.6 करोड़ बच्चों को विस्थापित कर सकती है। वर्तमान जलवायु डेटा के आधार पर इसी अवधि में चक्रवाती तूफान से 1.03 करोड़ बच्चे विस्थापन के लिए मजबूर हो सकते हैं। हालांकि यदि जीवाश्म ईंधन को तत्काल चरणबद्ध तरीके से समाप्त नहीं किया गया तो हालात और भी गंभीर होने की आशंका है।

एक्सपर्ट व्यू:
आंकड़े चिंताजनक हैं। ये विस्थापित बच्चों के दीर्घकालिक स्वास्थ्य और शिक्षा आदि पर पड़ने वाले प्रभावों को कम करने के लिए देशों को जलवायु परिवर्तन और विस्थापन के बीच संबंध को पहचानने, तत्काल योजना बनाने की आवश्यकता को दर्शाते हैं।
- एडलिन नेउ, शोधकर्ता, एमनेस्टी इंटरनेशनल

यहां सर्वाधिक विस्थापित हुए बच्चे
फिलीपींस- 97 लाखों में
भारत- 67 लाखों में
चीन- 64 लाखों में
बांग्लादेश- 33 लाखों में
सोमालिया- 17 लाखों में