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देश में सरकार चुनने में बढ़ी महिलाओं की हिस्सेदारी

वर्ष 2019 के लोकसभा चुनावों में, पहली बार ऐसा हुआ कि मतदान करने वाली महिलाओं का प्रतिशत पुरुषों से आगे निकल गया।

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जयपुर

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Kiran Kaur

Jan 05, 2023

देश में सरकार चुनने में बढ़ी महिलाओं की हिस्सेदारी

देश में सरकार चुनने में बढ़ी महिलाओं की हिस्सेदारी

लोकतंत्र को मजबूत बनाने में महिलाएं बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं। बीते दशकों के आंकड़े दर्शाते हैं कि लोकसभा चुनाव हों या विधानसभा चुनाव, मतदाता मतदान में लैंगिक अंतर कम हो रहा है। यह एक राष्ट्रव्यापी बदलाव है। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनावों में, पहली बार ऐसा हुआ कि मतदान करने वाली महिलाओं का प्रतिशत पुरुषों से आगे निकल गया। भले ही यह अंतर मामूली रहा हो लेकिन इसके मायने अधिक हैं क्योंकि आधी आबादी की ओर से चुनावों में निर्णायक भूमिका निभाना लोकतंत्र के लिए एक सुखद संकेत है।

सैकड़ों फीसदी बढ़ी महिला मतदाताओं की तादाद:

वर्ष 1962 में तीसरे लोकसभा चुनावों में पहली बार पुरुष और महिला मतदान के अलग-अलग आंकड़े जारी हुए। तब पुरुषों का मतदान प्रतिशत 63.31 था जबकि महिलाओं का मतदान प्रतिशत महज 46.63 ही था। लेकिन वर्ष 2019 आते-आते महिलाओं के वोटिंग में लगभग 20 फीसदी की वृद्धि हुई जबकि पुरुषों के संबंध में यह बढ़ोतरी महज तीन फीसदी ही रही। इतना ही नहीं 1971 के लोकसभा चुनावों के बाद से महिला मतदाताओं की संख्या में 235.72 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

विधानसभाओं में भी लगातार बढ़ रहा रुतबा:

देश में विधानसभा चुनावों में वोट करने में भी आधी आबादी ने अपनी भागीदारी बढ़ाई है। गत वर्ष उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों में पुरुषों (59.34%) की तुलना में महिलाओं (62.20%) का वोट प्रतिशत अधिक रहा। यहां वर्ष 2012 के बाद से ही सरकार बनाने में महिला मतदाताओं की संख्या अधिक रही है। इसके अलावा पिछले वर्ष उत्तराखंड, मणिपुर, गोआ और हिमाचल प्रदेश में हुए चुनावों के कुल मतदान में भी महिलाओं की संख्या पुरुषों से आगे निकल गई। वहीं गुजरात में गत तीन विधानसभा चुनावों में महिला वोटर्स का प्रतिशत लगातार घटा है।


राजस्थान में निभाई निर्णायक भूमिका:

महिलाओं की शिक्षा के बढ़ते स्तर और राजनीतिक जागरूकता से उनका मत प्रतिशत भी बढ़ा है। प्रदेश में वर्ष 2018 में हुए चुनावों में महिलाओं (74.67%) का मतदान प्रतिशत पुरुषों (73.49%) से ज्यादा था। मध्यप्रदेश में वर्ष 2013 के मुकाबले वर्ष 2018 में महिला मतदाताओं ने अधिक रुचि दिखाई। इस समयावधि के दौरान महिलाओं का वोट प्रतिशत लगभग चार फीसदी बढ़ा जबकि पुरुषों के संबंध में यह वृद्धि सिर्फ दो प्रतिशत थी। छत्तीसगढ़ में वर्ष 2013 के विधानसभा चुनावों में महिला मतदाताओं का मतदान प्रतिशत 77.32 था जो पुरुष वोटर्स से 0.3 फीसदी अधिक था। हालांकि वर्ष 2018 में इसमें कमी देखी गई।