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Sports News: डोपिंग से बचाव के लिए खिलाडिय़ों को इंजेक्शन से पहले एजुकेशन की जरूरत: नाडा

भारत में बढ़ते डोपिंग के मामले और खिलाडिय़ों के खराब होते कॅरियर को देखते हुए केंद्रीय खेल मंत्रालय ने पूरे देश से एंटी डोपिंग जागरूकता प्रोग्राम 'इंजेक्शन से पहले एजुकेशन' चला रखा हैै।

3 min read
Aug 26, 2023
Sports News: डोपिंग से बचाव के लिए खिलाडिय़ों को इंजेक्शन से पहले एजुकेशन की जरूरत: नाडा

एंटी डोपिंग जागरूकता प्रोग्राम का रायपुर में आयोजन
नाडा के डोप कंट्रोल ऑफिसर मनोज कुमार और विकास त्यागी ने कहा
खिलाडिय़ों को फूड सप्लीमेंट से बचने की जरूरत, नेेचुरल फूड पर्याप्त

रायपुर. भारत में बढ़ते डोपिंग के मामले और खिलाडिय़ों के खराब होते कॅरियर को देखते हुए केंद्रीय खेल मंत्रालय ने पूरे देश से एंटी डोपिंग जागरूकता प्रोग्राम 'इंजेक्शन से पहले एजुकेशन' चला रखा हैै। शुक्रवार को रायपुर में भी खेल विभाग की मदद से नाडा ने इस प्रोग्राम का आयोजन किया, जिसमें नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (नाडा) से पहुंचे डोप कंट्रोल ऑफिसर मनोज कुमार और विकास त्यागी ने खिलाडिय़ों और प्रशिक्षकों को डोपिंग से बचने के लिए कई अहम जानकारी और सलाह दी। पत्रिका से खास बातचीत के दौैरान उन्होंने कहा कि भारत के खिलाड़ी गांवों से आते हैं, उनमें जागरूकता की कमी होती है। ऐसे में उन्हें इंजेक्शन से पहले एजुकेशन देने की जरूरत है।

Q. दूर-दूराज के खिलाडिय़ों को जागरूक करनेे के लिए क्या कदम उठा रहे?
A. ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाडिय़ों को जागरूक करने की बहुत जरूरत है। वर्तमान में सोशल मीडिया का समय है और स्मार्टफोन हर किसी से पास है। इसीलिए खेल मंत्रालय ने एक ऐप 'नो योर मेडिसिन (Know Your Medicine) ' डेवलप किया है, जिसे प्रत्येक खिलाड़ी को अपने मोबाइल में डाउनलोड करने की जरूरत है। इस ऐप में प्रतिबंधित दवाओं से लेकर एंडी डोपिंग से संबंधित सभी जानकारी उपलब्ध कराई गई हैं।

Q. 'नो योर मेडिसिन (Know Your Medicine) ' ऐप सेे कैसेे खिलाड़ी जागरूक होंगे। यह किस प्रकार काम करेगा?
A. यह एक ऐसा ऐप है, जो खिलाड़ी से साथ-साथ कोच और अभिभावक को भी जागरूक करता है। इसमें नाडा से प्रतिबंधित 400 दवाओं की जानकारी है। बीमार पडऩे पर खिलाड़ी अधिकतर कोच, अभिभावक की सलाह सेे या मेडिकल स्टोर से दवाएं ले लेता है। ऐसे में इस ऐप के जरिए हर सदस्य यह पता कर सकता है कि जो दवाएं ली जा रही हैं, उसमें क्या-क्या कंटेंट है। दवा का नाम ऐप में डालते ही सभी कंटेंट आ जाएंगे, जो नाडा से प्रतिबंधित कंटेंट होंगे, उसमें लाल चिह्न ऐप में दिखेंगे। इससे खिलाड़ी गलत दवाएं लेने से बच जाएंगे।

Q. खिलाडिय़ों को फूड सप्लिमेंट लेने की कितनी जरूरत है, क्या इसमें भी प्रतिबंधित कंटेंट होने की संभावना है?
A. खिलाडिय़ों को फूड सप्लीमेंट लेने से बचना चाहिए। फूड सप्लीमेंट लेने की सलाह वाडा और नाडा कभी भी नहीं देते हैं। खिलाड़ी अपनी पौष्टिक डाइट नेचुरल खाने से पूूरा कर सकते हैं, जिसमें मीट, अंडा, फल, सब्जियां और ड्राई फूड्स शामिल हैैं। साई के जितने भी सेंटर हैं, उनमें खिलाडिय़ों की डाइट पूूरी करने के लिए नेचुरल खाना ही दिया जाता है। डाइटिशियन व न्यूट्रिशियन की सलाह से पूूरा डाइट प्लान तैयार किया जाता है।

Q. डोपिंग जांच की क्या प्रक्रिया हैै, खिलाड़ी को सजा देेने का क्या प्रावधान है?
A. नाडा के पास देश में होने वाले सभी राष्ट्रीय खेेल प्रोग्राम के कैलेंडर होते है, जहां हमारे अधिकारी पहुंचकर खिलाडिय़ों के यूरिन व ब्लड के सैंपल लेते हैै। पहले सैंपल के जांच का पूूरा खर्च सरकार उठाती है। जांच में डोपिंग की पुष्टि होने पर उसकी जानकारी खिलाड़ी को दी जाती है और उससे बी नमूना देने के लिए पूूछा जाता है। बी नमूने की जांच का खर्च खिलाड़ी उठाता है। पहली बार प्रतिबंधित दवा की पुष्टि होने पर कम से कम चार साल के लिए उसके खेलने पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है। दोबारा मिलने पर उस पर आठ साल या आजीवन प्रतिबंध लगानेे का नियम है।


Q. नाडा के पूरे देश में कितने कार्यालय हैं। जागरूकता के लिए क्या-क्या प्रोग्राम चलाए जा रहे हैं?
A. नाडा का दिल्ली में हेड ऑफिस हैं। पूरे देेश में जहां भी साई के क्षेत्रीय सेंटर है, वहां नाडा के नोडल अधिकारी रहे हैं। इसके अलावा प्रत्येक राज्य में भी एक नोडल अधिकारी काम कर रहे है। इसके अलावा नुकड़ नाटक, दूूर-दराज इलाकों में जूम मीटिंग करके प्रोग्राम चलाए जा रहे हैं। लगभग 200 अधिकारी काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय स्तर के खिलाडिय़ों की जांच नाडा करती है। अंतरराष्ट्रीय खिलाडिय़ों की जांंच की जिम्मेदारी नाडा व वाडा दोनों की होती है।

Published on:
26 Aug 2023 12:21 am
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