26 मार्च 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

CWG 2018: मैरी कॉम ने मारा गोल्डन पंच, देश को दिलाया 18वां गोल्ड मेडल

मैरी कॉम ने 21वें राष्ट्रमंडल खेलों में महिला मुक्केबाजी की 45-48 किलोग्राम भारवर्ग में सोना अपने नाम कर लिया है।

2 min read
Google source verification
marry

नई दिल्ली। एमसी मैरी कॉम ने शनिवार को 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स के 10वें दिन महिला मुक्केबाजी की 45-48 किलोग्राम भारवर्ग के स्पर्धा में सोना अपने नाम कर लिया है।

5-0 से दी मात
इस दिग्गज मुक्केबाज ने फाइनल में इंग्लैंड की क्रिस्टिना ओ हारा को 5-0 से मात देकर पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक हासिल किया।

पहले राउंड में प्रदरर्शन दिखा ठंडा

हालांकि पहले राउंड तक मैरी काॅम का प्रदरर्शन ठंडा दिखा लेकिन मौके का अच्छा फायदा उठाकर मैरी ने अपने पंचों का जादू दिखाया और देश को सोना दिला दिया।

दूसरे राउंड में मैरी कॉम ने मारे जादू वाले पंच

दूसरे राउंड में मैरी कॉम ने अपने पंचों का जादू जारी रखा और इंग्लैंड की क्रिस्टिना पर अपना दबाव बनाए रखा। वहीं क्रिस्टिना कोशिश तो कर रहीं थी लेकिन उनके पंच चूक रहे थे। वहीं मैरी कॉम मुकबला आगे बढ़ने के साथ और आक्रामक हो गईं। बता दें कि मैरी का कॉमनवेल्थ गेम्स में ये पहला पदक है।

तीसरे और अंतिम राउंड में क्रिस्टिना को दी मात
तीसरे और अंतिम राउंड में क्रिस्टिना भी पहले से ज्यादा आक्रामक हो गई थीं और पांच बार की विश्व चैम्पियन को अच्छी टक्कर दे रही थीं, लेकिन मैरी कॉम ने अपना डिफेंस भी मजबूत रखते हुए जीत हासिल की।

मैरी ने सेमीफाइनल में भी कायम रखा अपना दबदबा

बता दें कि पांच बार विश्व चैम्पियन एमसी मैरी कॉम ने कॉमनवेल्थ गेम्स के सेमीफाइनल में भी अपना दबदबा कायम रखा था। ओलंपिक कांस्य पदकधारी 35 बरस की इस महिला मुक्केबाज ने क्वार्टर फाइलन में स्कॉटलैंड की मेगन गोर्डोन को 5-0 से करारी शिकस्त दी थी। उनकी इस जीत से मुक्केबाजी में देश के लिए पहला पदक भी मिला। राज्यसभा सांसद एमसी मैरी कॉम का सेमीफाइनल मुकाबला 11 अप्रैल को श्रीलंका की अनुषा दिरूक्शी से हुआ था।

देश को अभी तक मिले 43 मेडल

भारत के पाले में अभी तक कुल 43 मेडल आ चुके हैं। जिसमें 18 गोल्ड, 11 सिल्वर और 14 ब्रॉन्ज मेडल के साथ भारत तीसरे स्थान पर बरकरार है।